छात्रा मौत मामला: कब्जे में लिए अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन, जांच के लिए सौंपे
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर अंतिम ओपिनियन एम्स के विशेषज्ञ की ओर से दिए जाने के बाद रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी।
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डिग्री कॉलेज की छात्रा मौत मामले में कब्जे में लिए अन्य दो आरोपी छात्राओं के मोबाइल फोन जांच के लिए फोरेंसिक लैब को सौंपे गए हैं। इन फोन की जांच रिपोर्ट को भी मामले में जोड़ा जाएगा। साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर अंतिम ओपिनियन एम्स के विशेषज्ञ की ओर से दिए जाने के बाद रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी। यह विशेषज्ञ दिल्ली गए थे और गुरुवार को वापस हिमाचल पहुंच चुके हैं। ऐसे में अब मामले की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में उनकी राय भी अहम रहेगी। इसके बाद बोर्ड की रिपोर्ट सोमवार को पुलिस को मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और फोरेंसिक लैब से डिजिटल साक्ष्यों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले के सुलझने की उम्मीद है। गुरुवार को पुलिस की ओर से छात्रा की मौत समेत रैगिंग और यौन उत्पीड़न मामले में पूछताछ का दौर जारी रहा। पुलिस को पहले ही पीड़िता और एक आरोपी छात्रा के मोबाइल फोन की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है लेकिन इसमें दो अन्य आरोपियों के फोन भी बुधवार को कब्जे में लिए थे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, आरोपी सहायक प्रोफेसर और दो आरोपी छात्राओं की अंतरिम जमानत की अवधि भी 17 जनवरी तक है। ऐसे में शनिवार को अंतरिम जमानत की अवधि पर भी न्यायालय के फैसले पर सबकी नजर रहेगी। उधर, एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि मामले को लेकर हर पहलू को लेकर गहन जांच की जा रही है। मेडिकल बोर्ड और डिजिटल रिपोर्ट आने सहित जांच के आधार पर शीघ्र ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
पीड़िता के परिवार से मिले एससी आयोग के अध्यक्ष
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, सदस्य अधिवक्ता विजय कुमार और अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा ने गुरुवार को धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले में पीड़िता के परिजनों से मुल मुलाकात की और संवेदनाएं व्यक्त कीं। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने इस दुखद घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को आश्वासन दिया कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच जांच की जा रही है, जिससे सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिल सके। आयोग इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले में सामने आ रहे हर पहलू पर लगातार आयोग अपनी नजर बनाए हुए है। राष्ट्रीय आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है।