हिमाचल: पैकिंग का खेल, सस्ता दिखाने के लिए घटा दिया देसी घी और रिफाइंड तेल का वजन, जानें किसका क्या है रेट
देश हो या प्रदेश कंपनियां अपने उत्पादों का रेट बढ़ाने के बजाय अब उसका वजन कम कर नई पैकिंग बाजार में उतार रही है। आइए खेल समझते हैं रिफाइंड तेल और देसी घी के नए स्टॉक की पैकिंग के जरिए। जानें विस्तार से...
विस्तार
यदि आपको भी कोई दुकानदार दूसरी दुकान से सस्ते रेट पर रिफाइंड तेल और देसी घी बेच रहा है तो खरीदने से पहले एक बार उसका वजन चेक कर लें। बाजारों में बिक रही नई तरह ही पैकिंग से आप गुमराह हो सकते हैं। दरअसल, ग्राहकों को महंगा सामान बेचने के लिए कई कंपनियों ने नया फार्मूला निकाला है।
ग्राहक कहते हैं कि दूसरी दुकान पर रिफाइंड तेल 20 से 30 रुपये सस्ता है जबकि उन्हें वजन का सही पता नहीं होता। इसी तरह कई तरह की पैकिंग से इनकी खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड रखने में कारोबारियों को भी परेशानी हो रही है। पंथाघाटी के कारोबारी के राकेश शर्मा ने कहा कि रिफाइंड तेल, बिस्किट, रस्क आदि के रेट तो पहले की तरह है लेकिन इनकी पैकिंग और वजन घट गया है। पैकिंग के कोई स्टैंडर्ड रूल नहीं है। कंपनियां मनमर्जी कर रही हैं। किसी कंपनी का बिस्किट या रस्क अभी भी दस रुपये का ही है लेकिन वजन घट रहा है। इससे लोग गुमराह हो रहे हैं।
बिस्किट, रस्क, क्रीम आदि उत्पादों में भी नई पैकिंग बाजारों में आ रही है। कई कंपनियों ने रेट तो बढ़ाए नहीं है लेकिन पैकेट में पैकिंग घटा दी है। नामी कंपनियों ने बिस्किट के रेट बढ़ाने की बजाय इसमें आने वाले बिस्किट की संख्या घटा दी है। बच्चों का पसंदीदा एक नामी कंपनी का दस रुपये के बिस्किट पैक में पहले आठ बिस्किट आते थे। अब इनकी संख्या घटकर पांच रह गई है। दस रुपये में अब सिंगल लाइन बिस्किट ही मार्केट में है। इसी तरह अब कई घी कंपनियों ने भी रेट बढ़ने पर पैकिंग घटाई है। एक किलो के अलावा अब 800 ग्राम का देसी घी भी बाजार में उपलब्ध है।
| रिफाइंड तेल पैकिंग | रिटेल रेट |
| 600 एमएल | 115-120 रुपये |
| 700-750 एमएल | 130-140 रुपये |
| 910 एमएल | 160-170 रुपये |
| देसी घी | |
| 800 ग्राम | 400 से 450 रुपये |
| एक किलो | 530 से 650 रुपये |
पहले हर उत्पाद की स्टैंडर्ड पैकिंग होती थी। इसलिए सबका वजन बराबर रहता था। अब यह नियम खत्म हो चुका है। अब प्रति यूनिट बिक्री मूल्य तय होता है। इसलिए कंपनियां अलग-अलग पैकिंग निकाल रही हैं। हालांकि, सरकारी राशन डिपो में अभी भी एक किलो की स्टैंडर्ड पैकिंग में ही यह सामान मिल रहा है।-नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति विभाग शिमला