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हिमाचल: पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों से छुट्टियों में नहीं ली जाएंगी सेवाएं, शिक्षा निदेशालय ने चेताया

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 15 Jan 2026 06:00 AM IST
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सार

सरकारी स्कूलों में कार्यरत पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों से अवकाश अवधि के दौरान काम नहीं लिया जाएगा। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर नीति में इन कर्मचारियों को शैक्षणिक सत्र में केवल 10 माह का ही मानदेय दिया जाता है और अवकाश अवधि में किसी भी प्रकार का मानदेय देय नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Services will not be taken in holidays from part-time multi-task workers
शिक्षा निदेशालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों से अवकाश अवधि के दौरान काम नहीं लिया जाएगा। कई जिलों में इस प्रकार के मामले सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों को कार्रवाई के प्रति चेताया है। शिक्षा निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूलों में छुट्टियों के दौरान भी पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों को स्कूल बुलाकर विभिन्न प्रकार के कार्य करवाए जा रहे हैं, यह स्पष्ट रूप से नीति के खिलाफ है।

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निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर नीति में इन कर्मचारियों को शैक्षणिक सत्र में केवल 10 माह का ही मानदेय दिया जाता है और अवकाश अवधि में किसी भी प्रकार का मानदेय देय नहीं है। निदेशक ने कहा है कि जब अवकाश अवधि के लिए मानदेय का प्रावधान ही नहीं है, तो ऐसे में छुट्टियों के दौरान इन कर्मचारियों से किसी भी प्रकार का स्कूल संबंधी कार्य करवाना नियमों के अनुरूप नहीं है। यह न केवल नीति का उल्लंघन है, बल्कि श्रमिकों के साथ अन्याय भी है।
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निदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी उप निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी स्कूलों को इस संबंध में तत्काल अवगत करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर को छुट्टियों के दौरान स्कूल आने या कार्य करने के लिए न तो कहा जाए और न ही बाध्य किया जाए। इन निर्देशों की अवहेलना होने की स्थिति में संबंधित स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई है।

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