फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himcare scam himachal 150 crore private hospitals vigilance investigation

Health Scam: हिमाचल में दो कमरों से चल रहे अस्पतालों ने भी उठाया हिमकेयर का लाभ, जांच में मिले अहम सबूत

Thu, 23 Jul 2026 10:16 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 23 Jul 2026 10:16 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना में करीब 150 करोड़ रुपये के संदिग्ध भुगतान के संकेत मिलने के बाद विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। 71 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच में फर्जी मरीज, संदिग्ध बिलिंग, नियमों के उल्लंघन और बिना मानक पूरे किए अस्पताल संचालित करने जैसे मामले सामने आए हैं। जांच पूरी होने के बाद कई लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।

विज्ञापन
himcare scam himachal 150 crore private hospitals vigilance investigation
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : AI

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला हिमकेयर योजना से जुड़ा है, जहां करोड़ों रुपये के संदिग्ध भुगतान और वित्तीय हेरफेर के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में जहां 110 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई थी, वहीं अब तक हुए दस्तावेजों के गहन विश्लेषण में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये के संदिग्ध भुगतान के अहम साक्ष्य सामने आए हैं। इन खुलासों के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

विज्ञापन


71 निजी अस्पताल जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के 71 निजी अस्पतालों पर विजिलेंस की पैनी नजर है। इन अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत किए गए दावों, मरीजों के उपचार, बिलिंग प्रक्रिया और भुगतान संबंधी सभी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को कई ऐसे मामले मिले हैं जहां नियमों के विपरीत भुगतान किया गया, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और बिलिंग में संदिग्धता पाई गई। इस जांच के पूरा होने के बाद कई अस्पताल संचालकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

विज्ञापन

न्यूनतम मानकों को नजरअंदाज कर संचालन
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि कुछ निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्य मानकों को पूरा किए बिना ही अपना संचालन शुरू कर दिया था। कई ऐसे अस्पताल भी मिले जो केवल दो कमरों में संचालित हो रहे थे। इन संस्थानों ने हिमकेयर योजना का लाभ उठाने के लिए फर्जी मरीजों और उपचार के नाम पर बिल तैयार किए और भुगतान प्राप्त किया। यह स्थिति प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नियामक निकायों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

भविष्य की कार्रवाई और निष्कर्ष
यह मामला हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विजिलेंस की गहन जांच से उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस तरह के घोटालों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह उन जरूरतमंद मरीजों के भरोसे को भी तोड़ता है जो इन योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त न किया जाए और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed