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Shimla News: विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए बनेगा ऑनलाइन हेल्पलाइन पोर्टल
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डिग्री और परीक्षा संबंधी शिकायतों का एक सप्ताह में होगा निपटारा, अप्रैल के अंत तक होगी पोर्टल की शुरुआत
छात्रों को बार-बार नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
एक्सक्लूसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ रही शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अप्रैल के अंत से ऑनलाइन हेल्पलाइन पोर्टल सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्र घर बैठे ही अपनी डिग्री, परीक्षा परिणाम, री-अपीयर, पुनर्मूल्यांकन, माइग्रेशन और प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याएं दर्ज करवा सकेंगे।
इस पहल के तहत विश्वविद्यालय ने अपना विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया संचालित होगी। प्रशासन के अनुसार इस सुविधा को अप्रैल के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल पोर्टल का अंतिम परीक्षण और तकनीकी जांच जारी है ताकि शुरुआत के समय किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। नई प्रणाली के तहत विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध सभी कॉलेजों के छात्र अपनी शिकायतें सीधे पोर्टल पर दर्ज करवाएंगे। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी जिससे छात्र उसकी स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि छात्रों को बार-बार जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित शाखाओं और विभागों को निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का निपटारा अधिकतम एक सप्ताह के भीतर करना अनिवार्य होगा। समय सीमा तय होने से लंबित मामलों में कमी आने की उम्मीद है और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। अब तक छात्रों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी विश्वविद्यालय आना पड़ता था। विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को यात्रा, समय और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में तकनीकी गड़बड़ी, सर्वर समस्या या अंतिम तिथि के दबाव के कारण छात्र समय पर फॉर्म जमा नहीं कर पाते थे जिससे उनकी शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित होती थी। ऐसे में यह हेल्पलाइन व्यवस्था उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इस कदम से शिकायत निपटान प्रणाली अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। साथ ही डिजिटल माध्यम अपनाने से कार्यप्रणाली तेज होगी और रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। सूत्रों के अनुसार पोर्टल को विश्वविद्यालय ने खुद विकसित किया है जिससे डेटा पर सीधा नियंत्रण रहेगा और बाहरी निर्भरता कम होगी। भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर और सेवाएं जोड़ने की योजना है ताकि छात्रों को एक ही स्थान पर अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
समस्याओं का होगा जल्दी निपटारा
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बैठक में हेल्प लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इसकी शुरुआत आने वाले समय में अधिसूचना जारी की जाएगी। इस कदम से शिकायत निपटान प्रणाली अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। अप्रैल के अंत में इस हेल्पलाइन के शुरू होते ही हजारों छात्रों को तत्काल राहत मिलेगी।
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एक्सक्लूसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ रही शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अप्रैल के अंत से ऑनलाइन हेल्पलाइन पोर्टल सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्र घर बैठे ही अपनी डिग्री, परीक्षा परिणाम, री-अपीयर, पुनर्मूल्यांकन, माइग्रेशन और प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याएं दर्ज करवा सकेंगे।
इस पहल के तहत विश्वविद्यालय ने अपना विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया संचालित होगी। प्रशासन के अनुसार इस सुविधा को अप्रैल के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल पोर्टल का अंतिम परीक्षण और तकनीकी जांच जारी है ताकि शुरुआत के समय किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। नई प्रणाली के तहत विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध सभी कॉलेजों के छात्र अपनी शिकायतें सीधे पोर्टल पर दर्ज करवाएंगे। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी जिससे छात्र उसकी स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि छात्रों को बार-बार जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित शाखाओं और विभागों को निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का निपटारा अधिकतम एक सप्ताह के भीतर करना अनिवार्य होगा। समय सीमा तय होने से लंबित मामलों में कमी आने की उम्मीद है और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। अब तक छात्रों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी विश्वविद्यालय आना पड़ता था। विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को यात्रा, समय और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में तकनीकी गड़बड़ी, सर्वर समस्या या अंतिम तिथि के दबाव के कारण छात्र समय पर फॉर्म जमा नहीं कर पाते थे जिससे उनकी शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित होती थी। ऐसे में यह हेल्पलाइन व्यवस्था उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इस कदम से शिकायत निपटान प्रणाली अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। साथ ही डिजिटल माध्यम अपनाने से कार्यप्रणाली तेज होगी और रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। सूत्रों के अनुसार पोर्टल को विश्वविद्यालय ने खुद विकसित किया है जिससे डेटा पर सीधा नियंत्रण रहेगा और बाहरी निर्भरता कम होगी। भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर और सेवाएं जोड़ने की योजना है ताकि छात्रों को एक ही स्थान पर अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
समस्याओं का होगा जल्दी निपटारा
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बैठक में हेल्प लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इसकी शुरुआत आने वाले समय में अधिसूचना जारी की जाएगी। इस कदम से शिकायत निपटान प्रणाली अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। अप्रैल के अंत में इस हेल्पलाइन के शुरू होते ही हजारों छात्रों को तत्काल राहत मिलेगी।