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Shimla News: एचपीयू में सेवाविस्तार मिलने पर 40 फीसदी ही दिया जाएगा वेतन; महंगाई भत्ता खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:29 PM IST
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सार
एचपीयू शिमला में सेवानिवृति के बाद फिर से सेवा में आने वाले कर्मियों की वापसी अब 40 फीसदी वेतन पर होगी। पढ़ें पूरी खबर...
एचपीयू शिमला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एचपीयू में सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति को लेकर नियम बदले हैं। सेवानिवृति के बाद फिर से सेवा में आने वाले कर्मियों की वापसी अब 40 फीसदी वेतन पर होगी। इन्हें कोई महंगाई भत्ता नहीं दिया जाएगा। एचपीयू प्रशासन ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के निर्देशों को अपनाते हुए यह व्यवस्था लागू करने की अधिसूचना जारी की है।
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नई नीति में पुनर्नियुक्ति अधिकतम एक वर्ष के लिए होगी। अवधि पूरी होने पर नियुक्ति अपने आप समाप्त मानी जाएगी, जब तक कि विशेष अनुमति न दी जाए। आवश्यकता समाप्त होने या कार्य संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में सेवा अवधि बीच में भी खत्म की जा सकेगी। पुनर्नियुक्त कर्मियों को सीमित अवकाश सुविधा मिलेगी। अलग से चिकित्सा लाभ नहीं दिए जाएंगे। यात्रा भत्ता पूर्व पद के अनुसार देय होगा, जबकि सरकारी आवास केवल नियमों में ही स्वीकृत होगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन स्थापित करना और सभी नियुक्तियों में एक समान व्यवस्था लागू करना है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पुनर्नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव नए मानकों के अनुरूप ही भेजे जाएं।
वेतन और भत्तों पर नियंत्रण
नई व्यवस्था का सबसे प्रमुख पहलू वेतन और भत्तों पर नियंत्रण है। पहले पुनर्नियुक्ति मामलों में अलग-अलग शर्तें लागू होने से भुगतान में असमानता की स्थिति बनी रहती थी। अब अंतिम मूल वेतन का अधिकतम 40 प्रतिशत ही मानदेय तय कर दिया गया है। महंगाई भत्ता पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, इससे कुल भुगतान स्वतः कम हो जाएगा। आवास, यात्रा और अन्य सुविधाओं को भी नियमों की सीमा में बांध दिया गया है। इससे अनावश्यक वित्तीय बोझ कम होने की उम्मीद है। विस्तार केवल विशेष परिस्थितियों में ही संभव होगा। इससे विभागों को कार्य की समीक्षा करने का अधिकार मिलेगा और जरूरत के अनुसार ही सेवाएं ली जाएंगी।