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MeitY: व्हाट्सएप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार का नया प्लान, क्या सभी मैसेजिंग एप्स पर लागू होंगे एक जैसे नियम?

Sat, 11 Jul 2026 02:58 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Sat, 11 Jul 2026 02:58 PM IST
सार

WhatsApp Username Feature: भारत में मैसेजिंग एप्स के नियम जल्द बदल सकते हैं, क्योंकि व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर विवाद के बाद केंद्र सरकार अब ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयारी करने की तैयारी में है, जो केवल व्हाट्सएप पर ही नहीं, बल्कि अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगा। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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India May Introduce Common Rules All Messaging Apps After Username Controversy
मैसेजिंग एप्स के लिए एक समान नियम लाने की तैयारी में सरकार - फोटो : amarujala.com

विस्तार

Messaging Apps Rules: केंद्र सरकार अब देश में सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्स की मनमानी पर लगाम कसने के लिए नए नियम लाने की तैयारी में है। हफ्तों से चर्चा में आ रहे यूजरनेम फीचर पर मचे घमासान के बाद अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) किसी एक एप के बजाय देश में सक्रिय सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम (कॉमन स्टैंडर्ड) लागू करने की योजना में है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में चाहे व्हाट्सएप हो, टेलीग्राम हो या सिग्नल सबको सरकार के एक ही नियम के दायरे में रहकर काम करना होगा।

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क्या है यूजरनेम फीचर और सरकार क्यों है चिंतित?

  • दरअसल, व्हाट्सएप एक नया फीचर लाने की तैयारी में था, जिसके तहत यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर शेयर किए, सिर्फ एक यूनीक यूजरनेम के जरिए दूसरों से चैट कर सकते हैं। हालांकि टेलीग्राम, इंस्टाग्राम जैसे तमाम एप्स पर यह सुविधा पहले से मौजूद है।
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  • जब कंपनी ने इसकी जानकारी दी थी, तो शुरुआत में यह प्राइवेसी के लिए एक शानदार कदम लग रहा था, लेकिन भारत सरकार ने इस पर सवाल खड़े कर दिए। सरकार को डर है कि इस फीचर का सबसे ज्यादा फायदा साइबर अपराधी उठाएंगे।
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  1. डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड का खतरा: बिना नंबर के अपराधियों के लिए पुलिस, बैंक या किसी वीआईपी के नाम पर फर्जी आईडी (Impersonation) बनाना बेहद आसान हो जाएगा।
  2. जांच एजेंसियों के लिए चुनौती: अगर कोई यूजरनेम के पीछे छिपकर ठगी करता है, तो बिना फोन नंबर के सुरक्षा एजेंसियों के लिए उस अपराधी को समय रहते ट्रैक करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
क्या सभी प्लेटफॉर्म्स पर लागू हो सकते हैं एक जैसे नियम?
रिपोर्ट्स के अनुसार अब सरकार एक ऐसा कॉमन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर विचार कर रही है, जो व्हाट्सएप टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग एप्स पर एक समान लागू हों। इसके पीछे उद्देश्य पूरे सेक्टर में एक समान सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि किसी एक प्लेटफॉर्म के लिए अलग नियम न हों।

अंतिम फैसला लेने से पहले होगी चर्चा
हालांकि इस पर अभी सिर्फ विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा कोई भी नियम लागू करने से पहले यानी अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स से भी बात करेगी और उनकी राय लेंगी। अगर सब सही रहा, तभी यह नियम लागू किया जाएगा।

टेलीग्राम ने भी दिया जवाब
  • इसके अलावा हाल ही में टेलीग्राम ने भी अपने यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार के नोटिस का जवाब सौंपा है। इससे पहले WhatsApp भी अपना पक्ष सरकार के सामने रख चुका है।
  • सरकार ने पिछले सप्ताह व्हाट्सएप को नोटिस जारी कर कहा था कि जब तक परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यूजरनेम फीचर लॉन्च नहीं किया जाए।
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