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व्हाट्सएप यूजरनेम विवाद: सरकार के नोटिस का आज आ सकता है जवाब, ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए मंत्रालय सख्त
Thu, 09 Jul 2026 03:08 PM IST
जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Thu, 09 Jul 2026 03:08 PM IST
सार
WhatsApp Username Feature: व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार और Meta के बीच चल रही बातचीत आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है। IT सचिव एस कृष्णन ने बताया कि सरकार की ओर से भेजे गए नोटिस पर मेटा को आज अपना जवाब देना है। इस जवाब के बाद तय होगा कि भारत में इस फीचर को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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सरकार को मेटा के जवाब का इंतजार
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
Meta Reply To IT Ministry Notice: पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर व्हाट्सएप के प्रस्तावित Username Feature पर कई सवाल उठाए थे। सरकार का कहना है कि अगर यूजर्स बिना मोबाइल नंबर शेयर किए केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत कर सकेंगे, तो इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसपर सरकार ने मेटा से जवाब मांगा था कि इस फीचर की वजह से पैदा होने वाले संभावित साइबर जोखिमों से निपटने के लिए कंपनी ने क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
नोटिस में क्या कहा गया था?
व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर नोटिस भेजते हुए निर्देश दिया गया था कि जब तक मेटा के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में व्हाट्सएप का यह प्रस्तावित फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा। इसके बाद मेटा ने सरकार से जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा और भरोसा दिया कि बातचीत पूरी होने तक यह फीचर भारत में रोलआउट नहीं किया जाएगा।
आज आ सकता है मेटा का जवाब
CII GCC बिजनेस समिट के दौरान आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि व्हाट्सएप की ओर से आज जवाब मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा गया है। हालांकि, इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के जवाब आने में अभी कुछ समय बाकी है।
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कब हुई थी बैठक?
व्हाट्सएप को नोटिस भेजने के बाद मेटा की टीम आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से भी मिली थी। इस दौरान यूजरनेम फीचर से जुड़े संभावित जोखिम और सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई थी।
बैठक के दौरान सरकार ने मेटा को याद दिलाया कि एक बड़े सोशल मीडिया इंटरमीडियरी होने के नाते व्हाट्सएप पर IT एक्ट और उससे जुड़े नियमों के तहत जरूरी सुरक्षा लागू करने की जिम्मेदारी होती है।
Meta ने क्या कहा था?
इसपर मेटा का कहना था कि व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं है और यह पूरी वैकल्पिक है। इस फीचर को साल के आखिर में चरणबद्ध तरीके से रोलआउट करने की योजना है। कंपनी के अनुसार, इस फीचर में कई सुरक्षा उपाय पहले से शामिल किए गए हैं। जो इस प्रकार हैं...
पहले मैसेज पर क्या जानकारी मिलेगी?
इतना ही नहीं मेटा का कहना है कि जब कोई व्यक्ति पहली बार यूजरनेम के जरिए मैसेज करेगा, तब व्हाट्सएप यूजर को चेतावनी देगा कि वह अकाउंट नया है या पुराना, वह उसकी संपर्क सूची में है या नहीं, क्या वह किसी कॉमन ग्रुप्स में है और वह किसी देश से मैसेज कर रहा है। मतलब भारत से ही या किसी विदेश से। इसका उद्देश्य यूजर्स को जवाब देने से पहले सही फैसला लेने में मदद करना है।
टेलीग्राम और सिग्नल से भी मांगा गया जवाब
व्हाट्सएप अकेला नहीं है, जिसे नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। आईटी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है और उनसे पूछा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाले फ्रॉड और पहचान चोरी के जोखिमों को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
आज मेटा के जवाब के बाद सरकार उसके सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेगी। अगर सरकार संतुष्ट होती है, तभी भारत में व्हाट्सएप का यूजरनेम पुीचरe लॉन्च होने का रास्ता साफ हो सकता है। अगर जवाब से सरकार को संतुष्टि नहीं मिली, तो इस फीचर के रोलआउट में और देरी या अतिरिक्त शर्तें लगाई जा सकती हैं।
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नोटिस में क्या कहा गया था?
व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर नोटिस भेजते हुए निर्देश दिया गया था कि जब तक मेटा के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में व्हाट्सएप का यह प्रस्तावित फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा। इसके बाद मेटा ने सरकार से जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा और भरोसा दिया कि बातचीत पूरी होने तक यह फीचर भारत में रोलआउट नहीं किया जाएगा।
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आज आ सकता है मेटा का जवाब
CII GCC बिजनेस समिट के दौरान आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि व्हाट्सएप की ओर से आज जवाब मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा गया है। हालांकि, इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के जवाब आने में अभी कुछ समय बाकी है।
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कब हुई थी बैठक?
व्हाट्सएप को नोटिस भेजने के बाद मेटा की टीम आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से भी मिली थी। इस दौरान यूजरनेम फीचर से जुड़े संभावित जोखिम और सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई थी।
बैठक के दौरान सरकार ने मेटा को याद दिलाया कि एक बड़े सोशल मीडिया इंटरमीडियरी होने के नाते व्हाट्सएप पर IT एक्ट और उससे जुड़े नियमों के तहत जरूरी सुरक्षा लागू करने की जिम्मेदारी होती है।
Meta ने क्या कहा था?
इसपर मेटा का कहना था कि व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं है और यह पूरी वैकल्पिक है। इस फीचर को साल के आखिर में चरणबद्ध तरीके से रोलआउट करने की योजना है। कंपनी के अनुसार, इस फीचर में कई सुरक्षा उपाय पहले से शामिल किए गए हैं। जो इस प्रकार हैं...
- मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और वैरिफाइड मेटा अकाउंट्स के नाम रिजर्व रखे जाएंगे।
- मिलते-जुलते यूजरनेम भी रिजर्व किए जाएंगे ताकि कोई फर्जी पहचान न बना सके।
- व्हाट्सएप इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर अब भी जरूरी रहेगा।
- किसी नए यूजरनेम से पहली बार मैसेज आने पर यूजर को अतिरिक्त जानकारी दिखाई जाएगी।
पहले मैसेज पर क्या जानकारी मिलेगी?
इतना ही नहीं मेटा का कहना है कि जब कोई व्यक्ति पहली बार यूजरनेम के जरिए मैसेज करेगा, तब व्हाट्सएप यूजर को चेतावनी देगा कि वह अकाउंट नया है या पुराना, वह उसकी संपर्क सूची में है या नहीं, क्या वह किसी कॉमन ग्रुप्स में है और वह किसी देश से मैसेज कर रहा है। मतलब भारत से ही या किसी विदेश से। इसका उद्देश्य यूजर्स को जवाब देने से पहले सही फैसला लेने में मदद करना है।
टेलीग्राम और सिग्नल से भी मांगा गया जवाब
व्हाट्सएप अकेला नहीं है, जिसे नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। आईटी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है और उनसे पूछा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाले फ्रॉड और पहचान चोरी के जोखिमों को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
- इसके अलावा मेटा को इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों को लेकर नोटिस मिला।
- टेलीग्राम को प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड फिल्में और ओटीटी कंटेंट के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए गए।
आज मेटा के जवाब के बाद सरकार उसके सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेगी। अगर सरकार संतुष्ट होती है, तभी भारत में व्हाट्सएप का यूजरनेम पुीचरe लॉन्च होने का रास्ता साफ हो सकता है। अगर जवाब से सरकार को संतुष्टि नहीं मिली, तो इस फीचर के रोलआउट में और देरी या अतिरिक्त शर्तें लगाई जा सकती हैं।