फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Mobile Apps ›   TRAI Seeks Power Regulate Truecaller, Other Call Apps

Spam Calls: क्या अब Truecaller पर होगी और सख्ती? जानें क्यों TRAI ने MeitY से मांगे नए अधिकार

Thu, 09 Jul 2026 05:00 PM IST
जागृति टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 09 Jul 2026 05:00 PM IST
सार

TRAI Truecaller: भारत में बढ़ती स्पैम कॉल्स और गलत तरीके से स्पैम टैग होने वाली सही कॉल्स के बीच अब ट्राई ने बड़ा कदम उठाया है। TRAI ने MeitY को पत्र लिखकर Truecaller जैसे कॉल मैनेजमेंट एप्स को रेगुलेट करने की शक्ति मांगी है। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से...
 

विज्ञापन
TRAI Seeks Power Regulate Truecaller, Other Call Apps
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Spam Calls India: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI का कहना है कि 140 सीरीज (टेलीमार्केटिंग) और 1600 सीरीज (बैंकिंग और सरकारी सेवाओं) नंबर्स से आने वाली कई वैध कॉल्स को कॉल मैनेजमेंट एप्स गलती से स्पैम दिखा देते हैं। इस वजह से लोग जरूरी बैंकिंग, सरकारी या बिजनेस कॉल्स भी रिसीव नहीं कर पाते, जिससे सेवाओं पर असर पड़ता है।
विज्ञापन


TRAI का प्रस्ताव क्या है?
इसपर ट्राई ने अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से इन नंबर्स यानी 140 और 1600 सीरीज के नंबरों को IT एक्ट के तहत Authorised Agency का दर्जा देने की मांग की है। अगर ऐसा होता है, तो कॉल मैनेजमेंट एप्स को इन नंबर्स के साथ कैसा व्यवहार करना है, इस पर ट्राई की निगरानी और नियम भी लागू हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल मंत्रालय इस प्रस्ताव पर दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ चर्चा कर रहा है।
विज्ञापन


पहले भी जारी किया जा चुका है निर्देश
  • हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है, जब ऐसा हो रहा है। इससे एक दिन पहले ट्राई ने ट्रूकॉलर और अन्य कॉल मैनेजमेंट एप्स को निर्देश दिया था कि वे 140 और 1600 सीरीज के नंबरों पर स्पैम चेतावनी न दिखाएं। TRAI का मानना है कि ये नंबर वैध कारोबारी और सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • इसपर ट्रूकॉलर के सीईओ ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि कंपनी ट्राई के निर्देशों का पालन कर रही है और इन नंबर्स को व्हाइटलिस्ट किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने ट्राई के अधिकार क्षेत्र पर सवाल भी उठाया।
  • कंपनी के अनुसार हर दिन 5.1 करोड़ से ज्यादा कॉल्स इन दोनों सीरीज से अनआंसर्ड रह जाती हैं। यूजर्स ने 7.4 करोड़ से ज्यादा कॉल्स को खुद मैन्युअली ब्लॉक किया है।
ट्रृकॉलर का क्या कहना है?
इसपर ट्रूकॉलर की अपनी चिंता है। कंपनी का कहना है कि अगर इन नंबर्स पर स्पैम चेतावनी की रोक लगाई जाती है, तो इसका फायदा साइबर अपराधी उठा सकते हैं। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर्स का भरोसा कमजोर होगा और स्पैम या फ्रॉड कॉल्स की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।


अब आगे क्या होगा?
फिलहाल MeitY, TRAI के प्रस्ताव पर DoT के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो भारत में पहली बार ट्रूकॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट एप्स के लिए स्पष्ट नियामकीय ढांचा तैयार हो सकता है।
इसका असर न सिर्फ स्पैम कॉल्स की पहचान पर पड़ेगा, बल्कि बैंकिंग, सरकारी और बिजनेस कॉल्स के यूजर अनुभव में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed