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सीलिंग का खौफ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उल्देपुर में जुटे कॉलोनी मालिक और खरीदार, अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Fri, 25 Sep 2026 01:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 25 Sep 2026 01:07 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उल्देपुर में कॉलोनी मालिकों और खरीदारों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। पंचायत में आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।

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Colony Developers and Property Buyers Begin Indefinite Protest in Uldepur After Supreme Court Order
उल्देपुर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उल्देपुर क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में कॉलोनी मालिकों के साथ मकान और भूखंड खरीद चुके लोग भी उल्देपुर पहुंचे और ‘मेरठ बचाओ आंदोलन’ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। रविंद्र गुर्जर के नेतृत्व में हुए धरने में आगे के आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

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Colony Developers and Property Buyers Begin Indefinite Protest in Uldepur After Supreme Court Order
उल्देपुर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू - फोटो : अमर उजाला

कॉलोनी मालिकों के साथ खरीदार भी धरने में शामिल
शुक्रवार को उल्देपुर में टेंट लगाकर शुरू किए गए धरने में कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों के अलावा कॉलोनी विकसित करने वाले और संपत्ति खरीदने वाले लोग भी शामिल हुए। लोगों का कहना है कि वर्षों से इन कॉलोनियों में मकान और भूखंड की खरीद-फरोख्त होती रही, लेकिन उस समय संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब न्यायालय के आदेश के बाद लोगों को अपने मकान और निवेश को लेकर चिंता सता रही है।

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पंचायत में आगे के आंदोलन पर हुई चर्चा
धरना स्थल पर हुई पंचायत में प्रदीप कुमार, जॉन धनकड़ और ओम प्रकाश पाल समेत अन्य वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि समस्या केवल कॉलोनी विकसित करने वालों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर यहां मकान या भूखंड खरीदा है। कई परिवार वर्षों से इन कॉलोनियों में रह रहे हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई का असर सीधे इन परिवारों पर पड़ सकता है।

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उल्देपुर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू - फोटो : अमर उजाला

‘कॉलोनियां विकसित होती रहीं, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई’
धरने में शामिल लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कॉलोनियां नियमों के विपरीत विकसित की जा रही थीं तो संबंधित विभागों ने उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं की। लोगों का कहना है कि एक के बाद एक कॉलोनियां विकसित होती रहीं और लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर इनमें मकान बनाए। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की स्थिति बनने से उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अपनी जिंदगी की कमाई घर बनाने में लगा दी।

यह भी पढ़ें: सीलिंग का खौफ: सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायिक आयोग गठित, मेडा की भूमिका-उल्देपुर समेत अन्य कॉलोनियों की होगी जांच

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उल्देपुर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू - फोटो : अमर उजाला

आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी
पंचायत में लोगों ने अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। धरना लगातार जारी रखने और अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। धरने में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों और संपत्ति खरीदने वाले लोगों के भविष्य को लेकर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। लोगों ने समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

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