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दिवाली की सफाई-रंगाई बनी आफत: खांसी, एलर्जी और सांस फूलने से बढ़ी परेशानी, एसएन में उमड़े मरीज

Tue, 20 Oct 2026 10:31 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 20 Oct 2026 10:31 AM IST
सार

दिवाली से पहले घरों में रंगाई-पुताई और साफ-सफाई के कारण धूल-धुएं का असर बढ़ रहा है। अस्थमा और सांस के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न और सांस फूलने की शिकायत हो रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग की ओपीडी में सोमवार को 211 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों ने सफाई के दौरान मास्क लगाने और रंगाई-पुताई वाले कमरे में सोने से बचने की सलाह दी है।
 

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Diwali Cleaning and Painting Trigger Breathing Problems, Asthma Patients Struggle in Agra
एसएन मेडिकल काॅलेज में मरीजों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दिवाली की वजह से घरों में रंगाई-पुताई और सफाई से अस्थमा और सांस रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। सीने में जकड़न और सांस फूलने की समस्या हो रही है। हालत खराब होने पर इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण से भी लोगों को एलर्जी हो रही है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 3448 मरीज इलाज कराने पहुंचे। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 211 मरीज आए। विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि घरों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, बाहर निर्माण कार्य, वाहनों का संचालन अधिक होने से धूल और कार्बन तत्व बढ़ गए हैं। इससे सांस नली में संक्रमण हो रहा है। सीने में जकड़न, दर्द, खांसी हो रही है। लोगों की सांस फूल रही है। कुछ को ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।
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वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव से परेशानी और बढ़ गई है। ऐसे मरीज भी आ रहे हैं, जिन्होंने दवाएं बंद कर दी थीं। उन्हें इन्हेलर देना पड़ रहा है, दवाओं की डोज भी बढ़ानी पड़ रही है। हवा में धूल-कार्बन तत्वों से नाक, कान की एलर्जी, बार-बार छींक आने, गले में खराश और बुखार की भी परेशानी मिल रही है।
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वायरल बुखार के साथ अस्थमा
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि बच्चों में बुखार-खांसी, गले में खराश मिल रही है। धूल-धुआं के संपर्क में आने से अस्थमा पीड़ित बच्चों की परेशानी भी बढ़ी मिल रही है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि तापमान में भी बदलाव हुआ है। इससे बच्चों में वायरल बुखार ठीक होने में 5-7 दिन का समय लग रहा है।

इन बातों का रखें ध्यान
- घर में रंगाई-पुताई वाले कमरे में सोने से बचें।
- घर में सफाई करते वक्त मास्क जरूर लगाएं।

- अस्थमा-सांस रोगी डॉक्टर से दवाएं एडजस्ट कराएं।
- सुबह-शाम भाप लें, गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
 
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