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हनुमान अंश: कहानी लिखने में लगे 20 साल, एक वर्ष में बनी फिल्म; नीम करौरी बाबा पर बनी मूवी जानें क्यों है खास
Sat, 29 Aug 2026 02:02 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 29 Aug 2026 02:02 PM IST
सार
फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रचार के लिए आगरा पहुंचे अभिनेता शोभिनव सत्या ने बताया कि फिल्म युवाओं को भक्ति, संस्कार और सकारात्मक सोच से जोड़ने का संदेश देती है। फिल्म में वह महान संत नीम करौरी बाबा की भूमिका निभा रहे हैं और इसे परिवार के साथ देखने योग्य बताया।
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शोभिनव सत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
युवाओं को भक्ति, संस्कार और सकारात्मक सोच से जोड़ने के संदेश के साथ तैयार की गई फिल्म के मुख्य किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या अपनी टीम के साथ आगरा पहुंचे। टीम ने एसआरके मॉल में फिल्म के प्रचार के दौरान दर्शकों से मुलाकात की और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए। फिल्म में शोभिनव सत्या महान संत नीम करौरी बाबा का किरदार निभा रहे हैं।
लखनऊ निवासी शोभिनव सत्या ने बताया कि वह पहली बार आगरा आए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक आगरा आने का अवसर नहीं मिला था, लेकिन बाबा की कृपा से पहली बार यहां आना हुआ। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खास अनुभव है।
अभिनेता ने बताया कि फिल्म की कहानी लिखने में करीब 20 साल लगे। हालांकि फिल्म पर काम शुरू होने के बाद इसे लगभग एक साल में ही तैयार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि दर्शकों को भक्ति और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।
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पहली बार निभाया मुख्य किरदार
शोभिनव सत्या ने बताया कि उन्होंने अब तक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया है। अभिनय के क्षेत्र में यह उनका पहला बड़ा अनुभव है। महान संत नीब करौरी बाबा का किरदार निभाना उनके लिए सामान्य अभिनय से अलग अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस भूमिका को निभाने के लिए केवल अभिनय की जरूरत नहीं थी, बल्कि हनुमान जी की कृपा और बाबा के आशीर्वाद की भी आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि वह हनुमान जी के परम भक्त हैं और नीब करौरी बाबा के भी भक्त हैं। बाबा की प्रेरणा से ही वह इस किरदार को पूरी श्रद्धा के साथ निभा सके।
युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास
अभिनेता ने कहा कि फिल्म के जरिए युवाओं को संदेश देने का प्रयास किया गया है कि वे भक्ति, संस्कार और सकारात्मक विचारों से जुड़े रहें। आज के समय में युवाओं के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं, ऐसे में आध्यात्मिकता और अच्छे विचार उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी फिल्म है जिसे युवा अपने परिवार के साथ देख सकते हैं। फिल्म में भक्ति भाव के साथ परिवार को जोड़ने वाला संदेश दिया गया है। उन्होंने युवाओं और दर्शकों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यदि फिल्म पसंद आए तो इसे अपने पूरे परिवार के साथ जरूर देखें।
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लखनऊ निवासी शोभिनव सत्या ने बताया कि वह पहली बार आगरा आए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक आगरा आने का अवसर नहीं मिला था, लेकिन बाबा की कृपा से पहली बार यहां आना हुआ। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खास अनुभव है।
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अभिनेता ने बताया कि फिल्म की कहानी लिखने में करीब 20 साल लगे। हालांकि फिल्म पर काम शुरू होने के बाद इसे लगभग एक साल में ही तैयार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि दर्शकों को भक्ति और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।
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पहली बार निभाया मुख्य किरदार
शोभिनव सत्या ने बताया कि उन्होंने अब तक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया है। अभिनय के क्षेत्र में यह उनका पहला बड़ा अनुभव है। महान संत नीब करौरी बाबा का किरदार निभाना उनके लिए सामान्य अभिनय से अलग अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस भूमिका को निभाने के लिए केवल अभिनय की जरूरत नहीं थी, बल्कि हनुमान जी की कृपा और बाबा के आशीर्वाद की भी आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि वह हनुमान जी के परम भक्त हैं और नीब करौरी बाबा के भी भक्त हैं। बाबा की प्रेरणा से ही वह इस किरदार को पूरी श्रद्धा के साथ निभा सके।
युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास
अभिनेता ने कहा कि फिल्म के जरिए युवाओं को संदेश देने का प्रयास किया गया है कि वे भक्ति, संस्कार और सकारात्मक विचारों से जुड़े रहें। आज के समय में युवाओं के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं, ऐसे में आध्यात्मिकता और अच्छे विचार उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी फिल्म है जिसे युवा अपने परिवार के साथ देख सकते हैं। फिल्म में भक्ति भाव के साथ परिवार को जोड़ने वाला संदेश दिया गया है। उन्होंने युवाओं और दर्शकों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यदि फिल्म पसंद आए तो इसे अपने पूरे परिवार के साथ जरूर देखें।