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सांसों पर गहराया संकट: आगरा की हवा क्यों हुई जहरीली? चार साल में सबसे खराब हाल; एक्यूआई 164 पहुंचा
Wed, 09 Sep 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 09 Sep 2026 09:57 AM IST
सार
स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट में शहर के 39 सेंसरों से मिले आंकड़ों में सभी जगह पीएम-10 की मात्रा बढ़ी, जबकि दस हॉटस्पॉट पर वायु गुणवत्ता सबसे ज्यादा खराब मिली। संजय प्लेस के अलावा दिल्ली गेट, आगरा फोर्ट, धूलियागंज, नया पुल तिराहा और अन्य इलाकों में भी निर्माण व सड़क खुदाई से प्रदूषण बढ़ने की बात सामने आई है।
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सांसों पर गहराया संकट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में आगरा ऐसे ही नहीं पिछड़ गया। मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण सबसे ज्यादा संजय प्लेस में प्रदूषण बना हुआ है। बीते साल के मुकाबले धूल का गुबार तीन गुना से ज्यादा है। मानसून में 8 सितंबर को एक्यूआई 164 दर्ज किया गया जो बीते चार वर्षों में सबसे ज्यादा है। इसमें पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम-10 कणों की मात्रा सबसे ज्यादा है जो निर्माण कार्य और खुदाई के कारण बढ़ते हैं। दूसरी ओर निगरानी के लिए लगाए गए स्मार्ट सिटी के 39 में से 12 पर्यावरण सेंसर ही खराब हैं। मेट्रो ने सदर के अल्लाबख्श और राजामंडी में लगे सेंसर हटवा दिए।
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मानसून के इस मौसम में मंगलवार को पीएम कणों की मात्रा 271 तक दर्ज की गई। यह अधिकतम है और बारिश में 50 से 70 के बीच ही दर्ज की जाती है। संजय प्लेस में यह 171 तक औसत बनी रही, जिसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑटोमैटिक स्टेशन के इन आंकड़ों के मुताबिक पीएम-2.5 की मात्रा कम है, लेकिन मेट्रो, सीएम ग्रिड के तहत खोदी गई सड़कों से उठ रही धूल में मिट्टी के बड़े आकार के कण बढ़ रहे हैं। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि एमजी रोड पर इस साल मेट्रो का काम शुरू हुआ है, जिसका असर सर्वेक्षण पर पड़ा। इसके अलावा सड़कों की खुदाई के कई काम जारी हैं। अभी से अगले साल के लिए सुधार की योजनाएं बनाएंगे।
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संजय प्लेस में 8 सितंबर को एक्यूआई
| वर्ष | एक्यूआई |
|---|---|
| 2026 | 164 |
| 2025 | 52 |
| 2024 | 71 |
| 2023 | 79 |
10 हॉटस्पॉट में बिगड़ी हवा की गुणवत्ता
आगरा स्मार्ट सिटी ने शहर के 39 स्थानों पर पर्यावरण सेंसर लगाए थे, जिनमें इस साल दस जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स सबसे ज्यादा आया है। बीते साल से एक्यूआई की तुलना की गई थी, जिनमें सभी 39 जगह पीएम-10 की मात्रा ज्यादा दर्ज की गई, वहीं दस हॉट स्पॉट पर अन्य मानक भी बढ़े पाए गए। ज्यादातर जगह एक्यूआई खराब श्रेणी में मिला। नगर आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में आगरा स्मार्ट सिटी ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच आंकड़ों को भेजा है, जिसमें एक्यूआई और पीएम-10 बढ़ा है। इनमें संजय प्लेस में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा है, वहीं दिल्ली गेट, आगरा फोर्ट, धूलियागंज, नया पुल तिराहा, अमर होटल, अर्जुन नगर, मंटोला तिराहा, बाग फरजाना, स्पीड कलर लैब शामिल हैं। इनमें दिल्ली गेट, अमर होटल और बाग फरजाना में सीएम ग्रिड के तहत सड़कें खोदी गई हैं, वहीं एमजी रोड पर मेट्रो के कारण धूल के गुबार उठ रहे हैं।
आगरा स्मार्ट सिटी ने शहर के 39 स्थानों पर पर्यावरण सेंसर लगाए थे, जिनमें इस साल दस जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स सबसे ज्यादा आया है। बीते साल से एक्यूआई की तुलना की गई थी, जिनमें सभी 39 जगह पीएम-10 की मात्रा ज्यादा दर्ज की गई, वहीं दस हॉट स्पॉट पर अन्य मानक भी बढ़े पाए गए। ज्यादातर जगह एक्यूआई खराब श्रेणी में मिला। नगर आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में आगरा स्मार्ट सिटी ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच आंकड़ों को भेजा है, जिसमें एक्यूआई और पीएम-10 बढ़ा है। इनमें संजय प्लेस में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा है, वहीं दिल्ली गेट, आगरा फोर्ट, धूलियागंज, नया पुल तिराहा, अमर होटल, अर्जुन नगर, मंटोला तिराहा, बाग फरजाना, स्पीड कलर लैब शामिल हैं। इनमें दिल्ली गेट, अमर होटल और बाग फरजाना में सीएम ग्रिड के तहत सड़कें खोदी गई हैं, वहीं एमजी रोड पर मेट्रो के कारण धूल के गुबार उठ रहे हैं।