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UP: ग्रेटर आगरा मास्टर प्लान हुआ जारी, इन 58 गांव की जमीन के आसामान छुएंगे दाम; सबसे बड़ा होगा स्मार्ट सिटी हब
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:33 PM IST
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सार
यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे एत्मादपुर और सदर के 58 गांवों की 14,480 हेक्टेयर जमीन पर आगरा अर्बन सेंटर बनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बैठक में आगरा अर्बन सेंटर के ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 का प्रजेंटेशन दिया गया। इस सेंटर में 1,878 हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं होंगी तो तीन हजार हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेस वे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ आगरा अर्बन सेंटर का विकास 14480 हेक्टेयर में होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इसके लिए तैयार महायोजना 2041 के ड्राफ्ट का प्रजेंटेशन बृहस्पतिवार को आगरा में स्थानीय अधिकारियों के लिए किया। बैठक में आगरा अर्बन सेंटर को आईटी और पर्यटन उद्योग पर सहमति बनने के संग गैर प्रदूषणकारी उद्योग की ही अनुमति यहां यीडा देगा।
आगरा के मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह और महायोजना तैयार करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रजेंटेशन के जरिये जानकारी साझा की। अधिकारियों को बताया गया कि गौतमबुद्ध विवि के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से भी इस महायोजना का परीक्षण कराया गया है। उनके 105 सुझावों को भी संशोधित ड्राफ्ट में शामिल किया गया है। न्यू आगरा के रूप में विकसित हो रही यह योजना करीब 15 लाख लोगों की आवासीय और रोजगार की जरूरतों को पूरा करेगी।
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आगरा के मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह और महायोजना तैयार करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रजेंटेशन के जरिये जानकारी साझा की। अधिकारियों को बताया गया कि गौतमबुद्ध विवि के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से भी इस महायोजना का परीक्षण कराया गया है। उनके 105 सुझावों को भी संशोधित ड्राफ्ट में शामिल किया गया है। न्यू आगरा के रूप में विकसित हो रही यह योजना करीब 15 लाख लोगों की आवासीय और रोजगार की जरूरतों को पूरा करेगी।
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आगरा विकास प्राधिकरण, आगरा नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जलकल, जिला प्रशासन, परिवहन सहित अन्य विभागों के अधिकारी इस प्रजेंटेशन में बुलाए गए थे। विभागों के सुझावों को अब बोर्ड की बैठक में रख रहे हैं जिससे जरूरी निर्देश लेकर काम शुरू कराया जा सके। योजना के लिए आगरा के 58 गांवों की जमीन ली जानी है।
10 लाख को मिलेगा यहां रोजगार
यीडा के प्रजेंटेशन के मुताबिक आगरा अर्बन सेंटर तीन चरणों में पूरा होगा। यहां गैर प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जाने हैं। इनमें पर्यटन, आईटी आधारित जैसे डाटा सेंटर आदि को प्राथमिकता दी जाएगी। लॉजिस्टिक पार्क भी प्रस्तावित किया गया है। आलू बेल्ट होने की वजह से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर विकसित करना भी एक विकल्प होगा। तीन हजार हेक्टेयर में औद्योगिक विकास किया जाना है। करीब 10 लाख लोगों को यहां प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा। करीब 1878 हेक्टेयर में आवासीय सुविधा विकसित करने की योजना है। एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस वर्ग के लिए आवासीय सुविधा यहां दी जानी है।
यीडा के प्रजेंटेशन के मुताबिक आगरा अर्बन सेंटर तीन चरणों में पूरा होगा। यहां गैर प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जाने हैं। इनमें पर्यटन, आईटी आधारित जैसे डाटा सेंटर आदि को प्राथमिकता दी जाएगी। लॉजिस्टिक पार्क भी प्रस्तावित किया गया है। आलू बेल्ट होने की वजह से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर विकसित करना भी एक विकल्प होगा। तीन हजार हेक्टेयर में औद्योगिक विकास किया जाना है। करीब 10 लाख लोगों को यहां प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा। करीब 1878 हेक्टेयर में आवासीय सुविधा विकसित करने की योजना है। एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस वर्ग के लिए आवासीय सुविधा यहां दी जानी है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अलग जोन
आगरा अर्बन सेंटर में 405 हेक्टेयर में पर्यटन क्षेत्र का दो जोन में विकास किया जाना है। फाइव स्टार होटल के अलावा रिसोर्ट, एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रंट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि बनाए जाने हैं। गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क योजना शामिल किया गया है।
आगरा अर्बन सेंटर में 405 हेक्टेयर में पर्यटन क्षेत्र का दो जोन में विकास किया जाना है। फाइव स्टार होटल के अलावा रिसोर्ट, एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रंट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि बनाए जाने हैं। गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क योजना शामिल किया गया है।
256 मेगावाट का सोलर पार्क बनेगा
आगरा अर्बन सेंटर में 256 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क तैयार किया जाएगा। हवाई, रेल, मेट्रो और हाइवे, एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए रोड नेटवर्क, इंटरचेंज और यातायात की सुविधा विकसित की जाएगी। गंदे पानी को शोधित करने के लिए सात एसटीपी बनेंगे। जिनकी कुल क्षमता 335 एमएलडी की होगी। 375 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी, जिसके लिए निचली गंगा नहर और यमुना नदी व बारिश के पानी पर निर्भरता होगी।
आगरा अर्बन सेंटर में 256 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क तैयार किया जाएगा। हवाई, रेल, मेट्रो और हाइवे, एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए रोड नेटवर्क, इंटरचेंज और यातायात की सुविधा विकसित की जाएगी। गंदे पानी को शोधित करने के लिए सात एसटीपी बनेंगे। जिनकी कुल क्षमता 335 एमएलडी की होगी। 375 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी, जिसके लिए निचली गंगा नहर और यमुना नदी व बारिश के पानी पर निर्भरता होगी।
ताजमहल का भी रखा जाएगा ध्यान
आगरा अर्बन सेंटर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के दायरे में है। ऐसे में यहां प्रदूषणकारी उद्योगों को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। ऐसा आगरा में मौजूद ताजमहल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से रोकने के लिए है। इसके लिए खुद सुप्रीम कोर्ट की बनाई अनुश्रवण समिति इसकी निगरानी करती है। यीडा के एसीईओ व जीएम प्लानिंग शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना का प्रजेंटेशन वहां के स्थानीय अधिकारियों के सामने किया गया है। बोर्ड के निर्देश पर यह किया जाना आवश्यक था। अब बोर्ड में इन अधिकारियों के सुझावों के साथ प्रस्ताव रखा जाएगा जिससे महायोजना के ड्राफ्ट के प्रकाशन को मंजूरी मिल सके। इससे आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
आगरा अर्बन सेंटर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के दायरे में है। ऐसे में यहां प्रदूषणकारी उद्योगों को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। ऐसा आगरा में मौजूद ताजमहल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से रोकने के लिए है। इसके लिए खुद सुप्रीम कोर्ट की बनाई अनुश्रवण समिति इसकी निगरानी करती है। यीडा के एसीईओ व जीएम प्लानिंग शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना का प्रजेंटेशन वहां के स्थानीय अधिकारियों के सामने किया गया है। बोर्ड के निर्देश पर यह किया जाना आवश्यक था। अब बोर्ड में इन अधिकारियों के सुझावों के साथ प्रस्ताव रखा जाएगा जिससे महायोजना के ड्राफ्ट के प्रकाशन को मंजूरी मिल सके। इससे आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
ये गांव होंगे शामिल
अर्बन सेंटर में पोइया, रायपुर, रहनकलां, कुबेरपुर, छलेसर, चौगान, नादऊ, उजरई, रामनगर खंदौली, खेड़िया खंदौली, पर्वतपुर, हाजीपुर खेड़ा, अरेला, उस्मानपुर, गढ़ी पृथ्वी, गढ़ी बच्ची, चावली, चिरहौली, पैतखेड़ा, बामन, हुसैनपुर, नगला मणि, हिंगोटखेड़िया, समोगर, बुढ़ाना, बीझामई, सरगनखेड़ा, एत्मादपुर, इकतरा समेत 58 गांवों की जमीन शामिल की गई है।
अर्बन सेंटर में पोइया, रायपुर, रहनकलां, कुबेरपुर, छलेसर, चौगान, नादऊ, उजरई, रामनगर खंदौली, खेड़िया खंदौली, पर्वतपुर, हाजीपुर खेड़ा, अरेला, उस्मानपुर, गढ़ी पृथ्वी, गढ़ी बच्ची, चावली, चिरहौली, पैतखेड़ा, बामन, हुसैनपुर, नगला मणि, हिंगोटखेड़िया, समोगर, बुढ़ाना, बीझामई, सरगनखेड़ा, एत्मादपुर, इकतरा समेत 58 गांवों की जमीन शामिल की गई है।
आगरा अर्बन सेंटर: लैंडयूज फैक्ट फाइल
लैंडयूज- प्रतिशत
आवासीय- 27.7
व्यावसायिक- 3.8
व्यावसायिक टूरिज्म- 1.6
औद्योगिक- 20.11
मिक्स लैंड- 5.0
संस्थागत- 2.7
सर्विस- 1.0
मनोरंजन- 3.6
पीएसपी टूरिज्म- 2.0
ग्रीन- 5.4
ग्रीन रिवर बफर- 8.2
कृषि- 1.4
वन- 3.0
लाजिस्टिक- 2.0
सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर- 12.6
लैंडयूज- प्रतिशत
आवासीय- 27.7
व्यावसायिक- 3.8
व्यावसायिक टूरिज्म- 1.6
औद्योगिक- 20.11
मिक्स लैंड- 5.0
संस्थागत- 2.7
सर्विस- 1.0
मनोरंजन- 3.6
पीएसपी टूरिज्म- 2.0
ग्रीन- 5.4
ग्रीन रिवर बफर- 8.2
कृषि- 1.4
वन- 3.0
लाजिस्टिक- 2.0
सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर- 12.6
