फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Nirbhaya incident in Delhi mainpuri Village smoldering amidst the silence questions raised about the system

दिल्ली में एक और निर्भया कांड: यूपी की बेटी से चलती बस में दरिंदगी पर सुलगा गांव, सिस्टम पर सवाल; पूरी कहानी

Wed, 02 Sep 2026 09:10 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मैनपुरी
अमर उजाला नेटवर्क, मैनपुरी Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 02 Sep 2026 09:10 AM IST
सार

यूपी की बिटिया से दिल्ली में दरिंदगी का मामला सामने आया है। चलती बस में हुई दरिंदगी पर पीड़िता के यूपी स्थित गांव में आक्रोश है। साथ ही सिस्टम पर सवाल  खड़े किए जा रहे हैं। महिलाओं ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्भया कांड के बाद कदम तो उठाए गए, मगर जिम्मेदारों ने उन्हें धरातल पर नहीं उतारा।

विज्ञापन
Nirbhaya incident in Delhi mainpuri Village smoldering amidst the silence questions raised about the system
Nirbhaya incident in Delhi - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली में हुई हैवानियत की आंच बिटिया के गांव तक पहुंच गई है। मैनपुरी जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर बसे गांव में जब से 16 वर्षीय नाबालिग से चलती बस में दुष्कर्म की खबर पहुंची है, सन्नाटा पसर गया है। गांव वाले गुस्से में हैं। उनका कहना है कि निर्भया कांड के बाद लगा था सरकार ने बेटियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। उस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी, लेकिन सिस्टम की नाकामी एक बार फिर सामने आ गई है। जब तक जिम्मेदार ईमानदारी से अपना काम नहीं करेंगे, बेटियां असुरक्षित रहेंगी।
विज्ञापन


मंगलवार दोपहर गांव में सन्नाटे के बीच कई लोग रोजमर्रा के काम करते नजर आए। कुछ किसान खेत पर धान की फसल की सिंचाई कर रहे थे तो कुछ गांव की गलियों में इस घटना की चर्चा कर रहे थे। कह रहे थे कि सिस्टम की नाकामी की वजह से ही गांव की बेटी के साथ यह हैवानियत हुई। अब इस दर्द से उबरने में उसे और उसके परिवार को वक्त लगेगा।
विज्ञापन

लोगों ने बताया कि पीडित परिवार कहां गया है, इसकी जानकारी किसी को नहीं। घर पर ताला लगा है। गांव वालों ने बताया कि जब से लोगों को खबर लगी है, गांव में नेताओं का आना शुरू हो गया है। सपा के किशनी विधायक बृजेश कठेरिया समेत कई लोग आ चुके हैं। घटना पर सियासत भी शुरू हो चुकी है, लेकिन मुद्दे की बात यह है कि निर्भया कांड के बाद इतने प्रावधान किए गए। कानून में बदलाव किया गया, लेकिन बेटियां फिर भी सुरक्षित नहीं। आखिर हमारा सिस्टम कब जागेगा?

5 अगस्त को ही बस मालिक को मिल गई थी वारदात की सूचना
मैनपुरी की 16 वर्षीय छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात जिस स्लीपर कोच बस में हुई थी वह फिरोजाबाद एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत है। उसका मालिक अनिल जादौन शहर के थाना उत्तर के रैपुरा रोड स्थित इंदिरा कॉलोनी का रहने वाला है। उसे इस वारदात की जानकारी 5 अगस्त को ही लग गई थी।
विज्ञापन

पढ़ने में होशियार है बिटिया
बिटिया के स्कूल पर ताला लगा मिला। प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की गई, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि बिटिया पढ़ने में काफी होशियार है। वह कई दिन से स्कूल नहीं आ रही, तो स्कूल के स्टाफ ने परिजनों से संपर्क किया। बताया गया कि बिटिया की तबीयत खराब है, इसलिए स्कूल नहीं जा रही। गांव के ही एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि बिटिया के पिता घटना से काफी परेशान थे। वह नोएडा जाने की बात कहकर घर से निकले थे, तब से पूरे परिवार का कुछ पता नहीं।

पुलिस भी बनाए हुए है नजर
घटना के बाद से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस लगातार गश्त कर गांव की निगरानी कर रही है। बाइक पर दो पुलिसकर्मी गांव में घूमते हुए नजर आए।

महिलाओं ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की
मैनपुरी जनपद की नाबालिग छात्रा से चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद जिले में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महिला संगठनों की पदाधिकारियों और स्थानीय महिलाओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार करने वाली हैं। दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

मंगलवार देर शाम शहर के कचहरी रोड स्थित शिवनगर में महिलाओं ने एकत्र होकर घटना पर रोष जताया। कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। 

दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। पीड़िता और उसके परिवार को जल्द न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था दोनों की जिम्मेदारी है। इस दौरान गीता मौर्य, रीता देवी, उमा देवी, रमा देवी, मंजू सागर, पूनम शाक्य, आयशा, पूजा सिंह, सीमा आदि मौजूद रहीं। 

दिल्ली में दरिंदगी: पर्दे लगी बस में 47 KM तक 16 साल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर निर्भया जैसा कांड सामने आया है। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस में यह वारदात हुई।

बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर चालक और कंडक्टर ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मामला दिल्ली के कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपी चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 4 अगस्त 2026 की बताई गई है। वारदात में इस्तेमाल की गई बस को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

पीड़िता मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। छात्रा 3 अगस्त 2026 को अपने घर से बिना बताए निकली थी। वह पढ़ाई को लेकर मां की डांट से नाराज थी। उसका इरादा नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने का था।

पीड़िता 3 अगस्त 2026 को अपने घर से निकली थी। वह नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जा रही थी। इसी दौरान वह ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के लिए स्लीपर बस में सवार हुई। बस में ही चालक और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह गंभीर वारदात 4 अगस्त 2026 को हुई।

मामले की जानकारी मिलते ही कश्मीरी गेट थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से जांच शुरू की। दोनों आरोपी चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस स्लीपर बस में वारदात हुई थी, उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

क्या था दिल्ली का निर्भया कांड
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार में एक चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसे मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया गया था। इस दौरान उसके साथ उसका साथी अवनींद्र भी उसी बस में सवार था। घटना के सात साल तीन महीने बाद निर्भया को इंसाफ मिला था। निर्भया के गुनहगारों में अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता सहित छह लोग शामिल थे। इसमें रामसिंह नामक एक आरोपी ने जेल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और एक नाबालिग को सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था। वहीं निर्भया के चारों गुनहगारों अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को 20 मार्च 2020 की सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed