आगरा: सफाई कर्मी के परिवार से मिले राकेश टिकैत, कहा- पीड़ित को मिलना चाहिए 50 लाख मुआवजा

न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 26 Oct 2021 12:09 AM IST

सार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सोमवार को सफाई कर्मचारी अरुण के परिजनों को सांत्वना देने आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि यूपी में सरकार ने मौत की कीमत खोल दी है, तो अरुण के परिवार से भेदभाव क्यों किया ?  
अरुण के परिवार से मिले राकेश टिकैत
अरुण के परिवार से मिले राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने स्पष्ट कहा कि आगामी विधान सभा चुनावों में भाजपा का विरोध किया जाएगा। मोदी सरकार देश और तीनों कानून किसानों के लिए काले हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता इनके प्रत्याशियों की खिलाफत करेंगे। हमारे विरोध का कोई भी दल चुनाव में भुना सकता है, हम भाजपा को हराने के लिए प्लेटफार्म तय कर रहे हैं। लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या से भाजपा का चुनावों में सूपड़ा साफ तय है। 
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सोमवार को टिकैत हवालात में मारे गए अरुण नरवार के लोहामंडी में परिजनों को सांत्वना देने के बाद छीपीटोला स्थित डॉ. अंबेडकर सामुदायिक केंद्र में मीडिया से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि 2011 में यूपीए सरकार कृषि कानून लाए तब मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसे काला कानून बताया। लेकिन वही कानून अब मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सफेद कैसे हो गए। अरुण नरवार को मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए टिकैत ने कहा कि जब सरकार ने लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों को 40-40 लाख रुपये और कानपुर कांड में मृतक परिजनों को 50 लाख और सरकारी नौकरी देकर मौत की कीमत खोल दी है तो अरुण के परिजनों को भी 40-50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। कृषि कानून पर बोले, बिना इनके वापस लिए कोई बात नहीं होगी, संघर्ष जारी रहेगा। 

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राजस्थान में दलित हत्या पर टालमटोल जवाब
भाकियू प्रवक्ता टिकैत से जब पूछा गया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दलित हत्या में भेदभाव क्यों, राजस्थान में एक दलित की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी, वहां परिजनों से मिलने क्यों नहीं गए। इस पर टिकैत ने उस कांड को निजी रंजिश बताते हुए सवाल को टाल गए। सड़क खाली करने के कोर्ट के आदेश पर बोले, जो कोर्ट कहेगा उसे माना जाएगा। लेकिन जब उनसे पूछा कि कोर्ट ने तो यह भी कहा है कि मामला जब न्यायालय में है तो धरना-आंदोलन क्यों। इस पर टिकैत बोले, जी हम नहीं गए कोर्ट और उन्होंने प्रेसवार्ता समाप्त कर दी। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां, मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार, चौधरी रामवीर सिंह, प्रमेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह निमेष, नत्थू सिंह धाकरे, सौरभ चौधरी, सत्यवीर चौधरी, धर्मवीर चौधरी आदि मौजूद रहे।

घर में आने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर
मृतक अरुण के पुल छिंगामोदी स्थित घर की सीसीटीवी से निगरानी जा रही है। रविवार को घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। मृतक के भाई बंटी ने बताया कि कुछ लोग कैमरे लगवा रहे हैं। यह कैमरे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने लगवाए हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पार्टी मुखिया के आदेश पर चार कैमरे लगवाए गए हैं। 

इनमें दो घर के अंदर गेटों पर हैं, जबकि दो बाहर लगवाए गए हैं, जिससे गली का रास्ता कवर किया जा सके। इसकी डीवीआर और एलईडी अंदर कमरे में लगाई गई है, जिससे घर में आने वालों पर नजर रखी जा सके। परिवार के लोगों को डर है कि पुलिस फिर आ सकती है। उन्हें परेशान किया जा सकता है।

घर के बाहर तैनात है पुलिस-पीएसी
अरुण नरवार के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा हुआ है। पीएसी भी तैनात की गई है। हालांकि बैरियर हटा दिए गए हैं। रविवार को कम ही लोग परिवार से मिलने आए। घर से करुण क्रंदन ही गूंजता रहा।
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