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Health: मौसम बदलते ही बच्चों पर हमला कर रहा संक्रमण, तेज बुखार-खांसी और जुकाम; ये हैं शुरुआती लक्षण
Wed, 19 Aug 2026 09:31 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 09:31 AM IST
सार
मौसम बदलने के साथ आगरा में बच्चों में अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने तीन-चार दिन में सुधार न होने या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी है।
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एसएन ओपीडी में मरीजों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मौसम के बदलते ही बच्चों में अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इस बीमारी की चपेट में आने पर बच्चों को तेज बुखार, लगातार खांसी और बहती नाक या जुकाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि तीन-चार दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे की स्थिति में कोई सुधार न दिखे या लक्षण बिगड़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश दयाल ने बताया कि संक्रमण गंभीर होने पर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे मामलों में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसमें मरीज को बुखार की दवाओं के साथ एंटीबायोटिक उपचार भी दिया जाता है। इसलिए शुरुआती दौर में ही बच्चे पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है।
इसका रखें ध्यान
-बारिश और नम मौसम में बच्चों को बाहर न निकाले, क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया व वायरस तेजी से फैलते हैं।
- घर या बाहर जिस किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम हो, उसे बच्चों के पास न आने दें और न ही बच्चों को उनके संपर्क में जाने दें।
- यदि मां को स्वयं जुकाम या खांसी की शिकायत है, तो बच्चे को दूध पिलाते समय अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं ताकि संक्रमण बच्चे तक न पहुंचे।
- बच्चों में इसके लक्षण दिखते ही लापरवाही न बरतें और स्थिति में सुधार न होने पर तुरंत नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश दयाल ने बताया कि संक्रमण गंभीर होने पर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे मामलों में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसमें मरीज को बुखार की दवाओं के साथ एंटीबायोटिक उपचार भी दिया जाता है। इसलिए शुरुआती दौर में ही बच्चे पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है।
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इसका रखें ध्यान
-बारिश और नम मौसम में बच्चों को बाहर न निकाले, क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया व वायरस तेजी से फैलते हैं।
- घर या बाहर जिस किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम हो, उसे बच्चों के पास न आने दें और न ही बच्चों को उनके संपर्क में जाने दें।
- यदि मां को स्वयं जुकाम या खांसी की शिकायत है, तो बच्चे को दूध पिलाते समय अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं ताकि संक्रमण बच्चे तक न पहुंचे।
- बच्चों में इसके लक्षण दिखते ही लापरवाही न बरतें और स्थिति में सुधार न होने पर तुरंत नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।