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कारोबार पर संकट: महंगे कच्चे माल ने आगरा के जूता बाजार की बढ़ाई मुश्किल, 30% तक बढ़ी लागत; ग्राहक भी घटे
Wed, 30 Sep 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 30 Sep 2026 10:48 AM IST
सार
कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से आगरा के घरेलू जूता बाजार पर असर पड़ा है और जूता निर्माण की लागत करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ईवा, पीयू केमिकल, अपर फोम और एडहेसिव की कीमतें बढ़ने से छोटे जूता कारखाने सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
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आगरा का जूता उद्योग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वैश्विक अनिश्चितता के कारण कच्चा माल महंगा होने से आगरा का घरेलू जूता बाजार प्रभावित हो रहा है। एडहेसिव से लेकर पीयू, रेजिन, अपर फोम और ईवा की रेट बढ़ गए हैं। इससे जूता निर्माण की लागत करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
काजीपाड़ा, जगदीशपुरा, राम नगर, प्रकाश नगर, नगला छऊआ से लेकर टेढ़ी बगिया तक घर-घर में जूता बनाने का काम कुटीर उद्योग की तरह फैला है। करीब 2.50 लाख से अधिक लोग जूता निर्माण से जुड़े हुए हैं। हींग की मंडी शू कंपोनेंट और मैटेरियल का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 500 से अधिक कच्चे माल की दुकानें हैं।
आगरा सोल एंड शू कंपोनेंट एसोसिएशन के महासचिव अंबा प्रसाद गर्ग ने बताया कि ईवा पर 25, पीयू केमिकल पर 20, अपर फोम पर 20 और एडहेसिव पर 15 प्रतिशत कीमत बढ़ गई है। इसका सीधा असर घरेलू जूता बाजार पर पड़ रहा है। इससे छोटे जूता कारखाने सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
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द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा का कहना है कि वैश्विक तनाव के कारण सभी पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो गए हैं। प्लास्टिक के दाम बढ़े हैं। जूता कंपोनेंट भी महंगा है। शू कंपोनेंट व्यापारी रवि चंदानी ने बताया कि बाजार से ग्राहक गायब है। एक तरफ लागत बढ़ रही है, दूसरी तरफ महंगा सामान खरीदने को ग्राहक तैयार नहीं हो रहा है। यही हालात रहे तो उद्योग पर संकट आ सकता है।
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काजीपाड़ा, जगदीशपुरा, राम नगर, प्रकाश नगर, नगला छऊआ से लेकर टेढ़ी बगिया तक घर-घर में जूता बनाने का काम कुटीर उद्योग की तरह फैला है। करीब 2.50 लाख से अधिक लोग जूता निर्माण से जुड़े हुए हैं। हींग की मंडी शू कंपोनेंट और मैटेरियल का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 500 से अधिक कच्चे माल की दुकानें हैं।
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आगरा सोल एंड शू कंपोनेंट एसोसिएशन के महासचिव अंबा प्रसाद गर्ग ने बताया कि ईवा पर 25, पीयू केमिकल पर 20, अपर फोम पर 20 और एडहेसिव पर 15 प्रतिशत कीमत बढ़ गई है। इसका सीधा असर घरेलू जूता बाजार पर पड़ रहा है। इससे छोटे जूता कारखाने सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
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द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा का कहना है कि वैश्विक तनाव के कारण सभी पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो गए हैं। प्लास्टिक के दाम बढ़े हैं। जूता कंपोनेंट भी महंगा है। शू कंपोनेंट व्यापारी रवि चंदानी ने बताया कि बाजार से ग्राहक गायब है। एक तरफ लागत बढ़ रही है, दूसरी तरफ महंगा सामान खरीदने को ग्राहक तैयार नहीं हो रहा है। यही हालात रहे तो उद्योग पर संकट आ सकता है।