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श्रीराम बरात 2026: आठ किमी की राह, 51 से ज्यादा झांकियां; गांव-गांव पुष्पवर्षा से होगा स्वागत
Mon, 21 Sep 2026 08:35 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 21 Sep 2026 08:35 AM IST
सार
आगरा में श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीराम बरात 15 और 16 अक्तूबर को गढ़ी ईश्वरा से शमसाबाद तक निकलेगी। करीब आठ किलोमीटर के मार्ग पर 51 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी, जबकि गांव-गांव पुष्पवर्षा से बरात का स्वागत होगा।
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आगरा में राम बरात निकाली गई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर की ओर से आयोजित श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव एवं श्रीराम बरात की तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 से 21 अक्तूबर को रामलीला महोत्सव होगा। 15 और 16 अक्तूबर को गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर से शमसाबाद तक श्रीराम बरात निकाली जाएगी। तैयारियों पर रविवार को धमैना रोड स्थित आर्य पोली हाउस में बैठक हुई। इसमें बरात के मार्ग, स्वागत, सुरक्षा, झांकियों, रात्रि विश्राम और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
करीब आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर 51 से अधिक झांकियां बरात का हिस्सा बनेंगी। इनमें मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड से आने वाली झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। बैठक की अध्यक्षता मठ के प्रशासक हरिहर पुरी, महंत योगेश पुरी महाराज और डॉ. राजेंद्र शर्मा,पवन अग्रवाल, भोला वर्मा, ग्रामीण चौहान आदि उपस्थित रहे।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि गढ़ी ईश्वरा से बरात करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय कर शमशाबाद पहुंचेगी। बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर चलेंगे। मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीण पुष्पवर्षा और स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। श्री जनकपुरी महोत्सव के व्यवस्थापक आशीष आर्य ने बताया कि शमसाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास बरात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद बरात शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
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शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह
16 अक्तूबर को सुबह 11 बजे शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह का आयोजन होगा। यहां भगवान श्रीराम, भोलेनाथ और श्रीनाथजी की झांकी के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। धार्मिक झांकियों के साथ आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और स्वागत की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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करीब आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर 51 से अधिक झांकियां बरात का हिस्सा बनेंगी। इनमें मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड से आने वाली झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। बैठक की अध्यक्षता मठ के प्रशासक हरिहर पुरी, महंत योगेश पुरी महाराज और डॉ. राजेंद्र शर्मा,पवन अग्रवाल, भोला वर्मा, ग्रामीण चौहान आदि उपस्थित रहे।
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मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि गढ़ी ईश्वरा से बरात करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय कर शमशाबाद पहुंचेगी। बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर चलेंगे। मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीण पुष्पवर्षा और स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। श्री जनकपुरी महोत्सव के व्यवस्थापक आशीष आर्य ने बताया कि शमसाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास बरात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद बरात शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
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शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह
16 अक्तूबर को सुबह 11 बजे शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह का आयोजन होगा। यहां भगवान श्रीराम, भोलेनाथ और श्रीनाथजी की झांकी के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। धार्मिक झांकियों के साथ आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और स्वागत की व्यवस्थाएं की जाएंगी।