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UP: शादी से पहले इस हद तक गिर गई दुल्हन...फर्जी शादी, झूठे दस्तावेज; दूल्हे को भी पहुंचवा दिया जेल

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 19 Jun 2026 11:51 AM IST
सार

महिला पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर युवक से शादी करने, ससुर की पैतृक जमीन और प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है, वहीं जांच में आधार कार्ड और स्कूल प्रमाणपत्र में अलग-अलग जन्मतिथियां सामने आई हैं।

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Woman Accused of Fake Marriage Using Forged Documents Land Grab and Filing False Case
दुल्हन सांकेतिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर एक महिला पर युवक से शादी करने का आरोप लगा है। महिला पर युवक के पिता की पैतृक जमीन हड़पने और झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने का भी आरोप है। अदालत के आदेश पर थाना एत्माद्दौला में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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एत्माद्दौला निवासी कालीचरन ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमकुम ने उनके बेटे बंटी से दोस्ती की और उनकी संपत्ति की जानकारी जुटाई। 21 मई, 2020 को कुमकुम के पिता महेश ने बंटी के खिलाफ बेटी को बहलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। एक महीने बाद 21 जून, 2020 को कुमकुम ने फर्जी आधार कार्ड बनवाया। उसने प्रयागराज के आर्य समाज मंदिर में बंटी से शादी कर ली और उनके परिवार के साथ रहने लगी।

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कुमकुम ने 5 अगस्त, 2021 को उन्हें पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने फतेहाबाद तहसील बुलाया। वहां राजेंद्र और बंटी को शामिल कर धोखे से खेत का बैनामा करवा लिया। उन्हें इस बैनामे की जानकारी फरवरी 2026 में मिली। कुमकुम ने उनकी पत्नी भूदेवी को धमकाकर उनका प्लॉट भी अपने नाम करा लिया था।
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झूठी प्राथमिकी और दस्तावेजों का खुलासा
बीते 14 फरवरी को कुमकुम ने बंटी के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई। उसने 5 लाख रुपये की मांग भी की। हालांकि, 19 फरवरी को कुमकुम ने अदालत में बंटी के पक्ष में बयान दिए। इन बयानों के आधार पर बंटी को 26 मार्च को जेल से रिहा कर दिया गया। अदालत की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुमकुम ने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और प्रमाणपत्र बनवाए थे। इन दस्तावेजों का उपयोग बंटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और कालीचरन की जमीन का बैनामा कराने के लिए किया गया। आधार कार्ड और स्कूल प्रमाण पत्र में जन्मतिथियां अलग-अलग पाई गईं।
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