सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Even after 12 days, there is no purchase of wheat at government counters.

Aligarh News: 12 दिन बाद भी सरकारी कांटों पर गेहूं की खरीद नहीं

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
Even after 12 days, there is no purchase of wheat at government counters.
विज्ञापन
क्षेत्र में असमय हुई बारिश के बाद दो दिन से मौसम खुल गया है फिर भी बारिश की मार के चलते सरकारी कांटों पर गेहूं की खरीद न होने का खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अब मौसम खुला है तो फिर से कटाई और थ्रेसिंग शुरू हो गई है।
Trending Videos

खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा एक अप्रैल से शुरू की जाने वाली गेहूं की खरीद अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है। 12 दिन बीत जाने के बाद भी खैर में विभागीय कांटों पर खरीद शून्य बनी हुई है। सरकार द्वारा गेहूं की निर्धारित दर 2585 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन सरकारी कांटों पर गेहूं की खरीद न होने के कारण किसानों को मजबूरन अपनी उपज खैर कृषि मंडी में व्यापारियों को कम दाम पर 2290 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खाद्य एवं रसद विभाग के कांटा संचालक गिरीश कुमार ने बताया कि पहले बारदाने की समस्या थी, जिसे अब दूर कर लिया गया है। गेहूं में अधिक नमी होने के कारण खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक फसल में नमी का स्तर निर्धारित मानक तक नहीं पहुंचेगा, तब तक खरीद संभव नहीं है।

वहीं, मंडी समिति अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने भी माना कि असमय बारिश ने क्षेत्रीय किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू कराई जाए। नमी की समस्या को देखते हुए मानकों में कुछ राहत दी जाए और नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed