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Aligarh News: गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़िये, शिवालयों में दिनभर गूंजता रहा बम-बम भोले
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खेरेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : samvad
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सावन के दूसरे सोमवार को शहर से देहात तक शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। खेरश्वरधाम, अचलेश्वर, मंगलेश्वर महादेव और भुमिया बाबा मंदिर समेत अन्य शिव मंदिर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजते रहे।
रात 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, फूल, धतूरा और अक्षत चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। हरिद्वार, ऋषिकेश, रामघाट, राजघाट और नरौरा से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। कई स्थानों पर कांवड़ डाक यात्रा, सेवार्थ शिविर और भंडारों का आयोजन हुआ। शाम को मंदिरों में महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिरों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
खेरश्वरधाम में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु
लोधा-हरिदासपुर स्थित खेरश्वरधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष गेहराज सिंह, महामंत्री ऋषि ओम शर्मा और कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान समेत सेवादार व्यवस्था संभालते रहे। समिति ने करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया है। उन्होंने अनुमान जताया है कि जिले भर में विभिन्न मंदिरों में करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन किए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और बाहर मेले में खान-पान व मनोरंजन का लोगों ने आनंद लिया।
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श्रावण मास की शिवरात्रि आज
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि सावन मास की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष चतुर्दशी की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह चार बजकर 53 मिनट से होगी, जिसका समापन 12 अगस्त को देर रात एक बजकर 51 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। मान्यता है शिवरात्रि पर चारों प्रहर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष विधान होता है।
अचलेश्वर एवं मंगलेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा-अर्चना
अचल ताल स्थित अचलेश्वर धाम मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की कतारें लगी रहीं। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने दुग्धाभिषेक किया। इधर, स्वर्ण जयंती नगर के शिवधाम में भक्तों ने नर्मदेश्वर शिवलिंग का शृंगार किया। श्री अखलेश्वर महादेव मंदिर रघुवीरपुरी में 5100 पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक किया गया। हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज के सुभाष स्काउट दल के स्काउट्स ने सेवा की।
श्रद्धालुओं के लिए चली अलीगढ़-राजघाट नरौरा विशेष ट्रेन
अलीगढ़। राजघाट नरौरा गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अलीगढ़-राजघाट नरौरा विशेष ट्रेन का संचालन किया। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए प्रयागराज मंडल की ओर से विशेष रेल सेवा संचालित की गई। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि विशेष ट्रेन संख्या 04188 डाउन राजघाट नरौरा-अलीगढ़ स्पेशल सुबह 9:46 बजे अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
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रात 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, फूल, धतूरा और अक्षत चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। हरिद्वार, ऋषिकेश, रामघाट, राजघाट और नरौरा से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। कई स्थानों पर कांवड़ डाक यात्रा, सेवार्थ शिविर और भंडारों का आयोजन हुआ। शाम को मंदिरों में महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिरों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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खेरश्वरधाम में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु
लोधा-हरिदासपुर स्थित खेरश्वरधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष गेहराज सिंह, महामंत्री ऋषि ओम शर्मा और कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान समेत सेवादार व्यवस्था संभालते रहे। समिति ने करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया है। उन्होंने अनुमान जताया है कि जिले भर में विभिन्न मंदिरों में करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन किए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और बाहर मेले में खान-पान व मनोरंजन का लोगों ने आनंद लिया।
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श्रावण मास की शिवरात्रि आज
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि सावन मास की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष चतुर्दशी की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह चार बजकर 53 मिनट से होगी, जिसका समापन 12 अगस्त को देर रात एक बजकर 51 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। मान्यता है शिवरात्रि पर चारों प्रहर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष विधान होता है।
अचलेश्वर एवं मंगलेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा-अर्चना
अचल ताल स्थित अचलेश्वर धाम मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की कतारें लगी रहीं। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने दुग्धाभिषेक किया। इधर, स्वर्ण जयंती नगर के शिवधाम में भक्तों ने नर्मदेश्वर शिवलिंग का शृंगार किया। श्री अखलेश्वर महादेव मंदिर रघुवीरपुरी में 5100 पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक किया गया। हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज के सुभाष स्काउट दल के स्काउट्स ने सेवा की।
श्रद्धालुओं के लिए चली अलीगढ़-राजघाट नरौरा विशेष ट्रेन
अलीगढ़। राजघाट नरौरा गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अलीगढ़-राजघाट नरौरा विशेष ट्रेन का संचालन किया। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए प्रयागराज मंडल की ओर से विशेष रेल सेवा संचालित की गई। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि विशेष ट्रेन संख्या 04188 डाउन राजघाट नरौरा-अलीगढ़ स्पेशल सुबह 9:46 बजे अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।