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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 20 Jun 2019 12:27 AM IST
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Jail
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जिला न्यायालय ने दहेज हत्या का आरोप साबित होने पर पति अवनीश कुमार यादव को दस साल की कैद और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वादी सहित कई गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया। ऐसे गवाहों को अभियोजन ने पक्षद्रोही करार दिया है। इसके बावजूद अभियोजन दहेज की मांग को लेकर मृतका को प्रताड़ित करने और विवाह के सात साल के अंदर जला कर हत्या करने का आरोप साबित करने में कामयाब रहा। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र ने एडीजीसी अमित मालवीय और भानु प्रताप सिंह को सुनकर दिया है।
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घटना 20 जून 2017 की रात एक बजे की मेजा थाने के अगरापट्टी गांव की है। वादी राम अभिलाष यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री सीमा की शादी 2012 में अवनीश यादव से की थी। दहेज में बाइक और सोने की चेन की मांग को लेकर ससुराल में उसे प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर वादी की पुत्री की जलाकर हत्या कर दी गई थी। अभियोजन द्वारा पेश किए गए गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया और कहा कि सीमा बच्चे न होने के कारण परेशान थी, इसलिए उसने आत्महत्या कर ली थी। अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाह सीओ ने दहेज में दिए गए सामनों की सूची को साबित किया है। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि अभियुक्त पति यह साबित करने में असफल रहा है कि मृतका ने आत्महत्या की है। अभियुक्त यह भी साबित करने में असफल रहा है कि मृतका बच्चे न होने से परेशान थी, क्योंकि इस संबंध में मृतका का कोई इलाज नहीं कराया गया था। कोर्ट ने अभियुक्त को दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न और दहेज की मांग की धारा में सजा सुनाई है।
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