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प्रयागराज  : आवेदन, ना इंटरव्यू, सीधे ज्वाइनिंग का आदेश, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का बड़ा गड़बड़झाला

Wed, 09 Sep 2026 03:37 PM IST
विनोद सिंह मनीष मिश्रा, प्रयागराज
मनीष मिश्रा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 09 Sep 2026 03:37 PM IST
सार

धर्मेंद्र चौधरी, पूरन कुमार व काशीराम... ये तीनों ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी के लिए ना तो आवेदन किया, ना इंटरव्यू दिए ना कभी ड्यूटी पर गए। इसके बावजूद इन तीनों को सोरांव के मेवा लाल अयोध्या प्रसाद स्मारक इंटर कॉलेज में परिचारक पद पर ज्वाइन कराने का आदेश जारी हो गया।

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direct orders for joining; major irregularities by Education Department officials in Prayagraj.
नियुक्ति में फर्जीवाड़ा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

धर्मेंद्र चौधरी, पूरन कुमार व काशीराम... ये तीनों ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी के लिए ना तो आवेदन किया, ना इंटरव्यू दिए ना कभी ड्यूटी पर गए। इसके बावजूद इन तीनों को सोरांव के मेवा लाल अयोध्या प्रसाद स्मारक इंटर कॉलेज में परिचारक पद पर ज्वाइन कराने का आदेश जारी हो गया। कॉलेज के प्रबंधक सोमधर द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2008 में चार रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 24 जून 2008 को साक्षात्कार होना था लेकिन किन्हीं कारणों से इसे स्थगित करना पड़ गया था। धर्मेंद्र चौधरी, पूरन कुमार व काशीराम ने इस नियुक्ति के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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कॉलेज के रिकाॅर्ड में कहीं भी तीनों के नाम दर्ज नहीं हैं जबकि तीनों का दावा है कि वे वर्ष 2008 से काम कर रहे हैं। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो 20 दिसंबर 2022 को प्रयागराज के तत्कालीन डीआईओएस पीएन सिंह ने हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर अपनी रिपोर्ट में नियुक्ति के दावों को गलत ठहराया था। 18 अगस्त को वर्तमान डीआईओएस संतोष कुमार राय ने कॉलेज के प्रधानाचार्य को पत्र के जरिये निर्देशित किया कि मंडलीय समिति के आदेश के क्रम में धर्मेंद्र, पूरन कुमार व काशी राम को कॉलेज में कार्यभार ग्रहण कराते हुए आगे की कार्रवाई तय करें। इस आदेश के बाद प्रबंधक व प्रधानाचार्य काॅलेज के 2008 से अब तक के अभिलेख लेकर अफसरों को दिखा रहे हैं जिसमें तीनों के कोई भी प्रमाण नहीं हैं।
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मामला 2008 का है। दोनों पक्षों से अभिलेख मांगे थे लेकिन कोई अभिलेख नहीं मिल सके। प्रबंधक ने अब सारे अभिलेख दिखाए हैं। हमने फिर से दोनों पक्ष से अभिलेख मांगे हैं उसके बाद दोबारा निर्णय लिया जाएगा। -आरएन विश्वकर्मा, जेडी, प्रयागराज मंडल
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यह हमारा निर्णय नहीं था। मंडलीय समिति के आदेश पर ही कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए थे। कॉलेज के प्रबंधक की ओर से इसपर आपत्ति की गई है। मंडलीय समिति दोबारा मामले की जांच करेगी। -संतोष कुमार राय, डीआईओएस
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