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रामजन्म भूमि पर आतंकी हमले में चार को उम्रकैद, एक बरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 19 Jun 2019 12:56 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि परिसर को बम विस्फोट कर उड़ाने की साजिश में शामिल चार आतंकियों आसिफ इकबाल, डा. इरफान, शकील अहमद और मो. नसीम को इलाहाबाद की स्पेशलकोर्ट एसएसटी ने उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि इसी मामले में एक आरोपी मो. अजीज को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया है। चारों अभियुक्तों पर हत्या, हत्या का प्रयास,आपराधिक षड्यंत्र के अलावा विधि विरुद्ध क्रिया कलाप और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया गया। इन सभी में अदालत ने अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग सजाएं सुनाई हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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पूर्व से नियत तारीख के अनुसार नैनी जेल परिसर में लगी अदालत में स्पेशल जज एससीएसटी दिनेश कुमार मंगलवार को दिन में करीब पौने तीन बजे पहुंचे। पांचों अभियुक्तों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और अभियुक्तों के वकील शमशुल हसन भी वहां मौजूद थे। सभी की उपस्थिति में अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। नैनी जेल अधीक्षक को सजा का तत्काल अमल करने का आदेश दिया है।
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पांच जुलाई 2005 को सुबह करीब सवा नौ बजे अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के नजदीक जैन मंदिर के पास बैरिकेटिंग पर एक मार्शल जीप से आए पांच आतंकियों ने पहले जीप को विस्फोट कर उड़ा दिया फिर परिसर में स्थित रामलला मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर उड़ाने के प्रयास में आगे बढ़े। वहां तैनात सीआरपीएफ और पीएसी के जवानों ने उनको घेर लिया। दोनों ओर से करीब डेढ़ घंटे चली मुठभेड में पांचों आतंकी मौके पर ही मारे गए।
इनके पास से बरामद एक नोकिया मोबाइल हैंडसेट की जांच से सर्विलांस के माध्यम से हमले की साजिश रचने वालों का नाम सामने आया। पुलिस ने जम्मू के आसिफ इकबाल उर्फ फार्रुख पुत्र मो. वशीर निवासी सखी मैदान थाना मेंडर जिला पुंछ के अलावा यहीं के मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और सहारनपुर के डा. इरफान को गिरफ्तार किया था। घटना की प्राथमिकी थाना रामजन्म भूमि में पहले अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने पांचों के खिलाफ आरोपपत्र जिला न्यायालय फैजाबाद में दाखिल किया। हाईकोर्ट के निर्देश पर बाद में सुनवाई इलाहाबाद जिला अदालत में स्थानांतरित कर दी गई। करीब 14 साल चले मुकदमे में मंगलवार को फैसला सुनाया गया।
किन धाराओं में मिली कितनी सजा
चारों अभियुक्त मो. असिफ इकबार उर्फ फार्रुख, मो. नसीम, शकील अहमद और डा. इरफान को अदालत ने
धारा 302 व 120 बी(हत्या और आपराधिक षड़यंत्र) में आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये प्रत्येक पर जुर्माना, हत्या के प्रयास में सात साल और 20 हजार रुपये जुर्माना
- धारा 153 (ए),(बी), 353 और 295, 120 बी (दो सम्प्रदायों में विद्व्रेष पैदा करना,राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने का कार्य सुरक्षा बलों पर हमला धार्मिक स्थल पर हमला और आपराधिक षड्यंत्र) में छह- छह माह का कारावास
-धारा 18,19 और 20 विधि विरुद्ध क्रिया कलाप अधिनियम में क्रमश: 10 वर्ष कैद, 10 हजार रुपये जुर्माना,सात साल कैद, पांच हजार जुर्माना और दस साल कैद,10 हजार जुर्माना के अलावा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा चार में पांच साल कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाए।
इन आरोपों में हुए बरी
अदालत ने चारों अभियुक्तों को 147,148,353 और 120 बी (क्रमश: बलवा, खतरनाक हाथियार रखना, सुरक्षा बलों पर हमला और आपराधिक षड्यंत्र)आईपीसी तथा धारा 7 क्रिमिनल लॉ मेंडमेंड एक्ट और धारा 16 विधि विरुद्ध क्रिया कलाप अधिनियम में अभियुक्तों को दोषी नहीं पाते हुए इन आरोपों से दोषमुक्त किया है।
