फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Youth from Jhunsi missing after drone attack in Odesa, Ukraine; had jumped into the sea to save his life.

Prayagraj : यूकेन के ओडेसा में ड्रोन हमले में झूंसी का युवक लापता, जान बचाने के लिए कूदे थे समुद्र में

Wed, 29 Jul 2026 01:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 29 Jul 2026 01:16 PM IST
सार

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर लापता दो भारतीयों में झूंसी के नीबीकला के रामचंद्र दुबे (23) शामिल हैं चार भारतीयों समेत आठ लोग वाले वाणिज्यिक जहाज पर 25 जुलाई को हुए हमले में लापता दो भारतीयों में रामचंद्र दुबे के अलावा रायबरेली के दिलीप गुप्ता रूस की ओर यूक्रेन पर किए गए हमले के दौरान जान बचाने के लिए जहाज से समुद्र में कूद गए थे।

विज्ञापन
Youth from Jhunsi missing after drone attack in Odesa, Ukraine; had jumped into the sea to save his life.
रामचंद्र दुबे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर लापता दो भारतीयों में झूंसी के नीबीकला के रामचंद्र दुबे (23) शामिल हैं चार भारतीयों समेत आठ लोग वाले वाणिज्यिक जहाज पर 25 जुलाई को हुए हमले में लापता दो भारतीयों में रामचंद्र दुबे के अलावा रायबरेली के दिलीप गुप्ता रूस की ओर यूक्रेन पर किए गए हमले के दौरान जान बचाने के लिए जहाज से समुद्र में कूद गए थे। चार दिन बाद भी दोनों का पता नहीं चल सका है।

विज्ञापन


खबर मिलते पर परिजनों ने यूक्रेन दूतावास से संपर्क किया। हालांकि अब तक रामचंद्र का कोई सुराग नहीं लग सका है। परिजनों ने बताया कि जहाज के कैप्टन के कहने पर ही रामचंद्र और दिलीप ने समुद्र में छलांग लगाई थी। कीव में भारतीय दूतावास ने 26 जुलाई को दोनों युवकों के लापता होने की जानकारी थी।
विज्ञापन


नीबीकला गांव निवासी रमेश दुबे सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके दो बेटों में छोटा रामचंद्र दुबे डारलो नामक कंपनी के जहाज से पिछले साल फरवरी में रवाना हुआ था। तब से वह लगातार जहाज पर ही था। 26 जुलाई की दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे छोटी बहन सीमाक्षी दुबे के पास कंपनी के नोएडा कार्यालय से फोन आया। उसे जहाज पर ड्रोन हमले व रामचंद्र के लापता होने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामचंद्र के लापता होने की सूचना मिलने पर चचेरे भाई मुक्तेश्वर दुबे रविवार सुबह दिल्ली के मंदिर में पुजारी युवक के बड़े भाई कृष्णदास के पास पहुंचे। सोमवार को उन्होंने कृष्णदास दुबे के साथ यूक्रेन दूतावास से संपर्क किया। तब पता चला कि जिस जहाज पर रामचंद्र थे, उसमें कैप्टन समेत आठ लोग सवार थे। इसमें चार भारतीय थे। लापता होने वालों में रामचंद्र के साथ रायबरेली का दिलीप गुप्ता भी है। मुक्तेश्वर दुबे ने बताया कि यूक्रेन से ब्लैक्सी के लिए जहाज के निकलने पर रूस ने ड्रोन से हमला किया था। वहीं, मां कल्पना दुबे बेटे की याद में बेसुध हैं।

दो महीने बाद घर लौटने वाला था रामचंद्र

रामचंद्र दुबे आठ महीने के सफर के बाद सितंबर में घर आने वाले थे लेकिन उसके पहले ही हादसा हो गया। मुक्तेश्वर ने बताया कि दो भाइयों में रामचंद्र छोटे हैं। उनकी दो बहनें भी हैं।


भारतीय दूतावास से भी साधा संपर्क

रामचंद्र के भाइयों ने भारतीय दूतावास से भी संपर्क साधा। चचेरे भाई मुक्तेश्वर दुबे ने बताया कि वह नई दिल्ली स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे। इस दौरान रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी ने कहा कि शिकायत बॉक्स में पत्र डाल दीजिए। जानकारी मिलने ही तत्काल संपर्क किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed