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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Court directed that water from areas affected by waterlogging be pumped out via Mori Gate and Daraganj.

High Court : कोर्ट ने कहा- जलभराव से प्रभावित इलाकों के पानी को मोरी गेट व दारागंज के रास्ते पंप कर निकालें

Wed, 19 Aug 2026 09:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 19 Aug 2026 09:24 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर में बारिश के पानी को 24 से 48 घंटे में निकालने के लिए आपात उपाय करने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त को मोरी गेट, दारागंज के रास्ते जलभराव वाले इलाकों से पानी पंप कर निकालने और डीएम को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

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Court directed that water from areas affected by waterlogging be pumped out via Mori Gate and Daraganj.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर में बारिश के पानी को 24 से 48 घंटे में निकालने के लिए आपात उपाय करने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त को मोरी गेट, दारागंज के रास्ते जलभराव वाले इलाकों से पानी पंप कर निकालने और डीएम को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जलभराव से निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी खतरे की स्थिति पैदा हो गई है। बुधवार को सुनवाई के दौरान डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा कोर्ट में मौजूद रहे।

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नगर आयुक्त की दलील...जलभराव से निपटने के लिए योजना तैयार

नगर आयुक्त ने बताया कि जलभराव से निपटने के लिए पूरी योजना तैयार कर ली गई है। उसका हलफनामा दाखिल किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने भी बताया कि नगर विकास विभाग के सचिव का हलफनामा पेश किया जाएगा। कोर्ट ने प्रयागराज शहर को बारिश के पानी और जलभराव से स्थायी राहत दिलाने की योजना पर भी जवाब मांगा है।

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कोर्ट ने कहा, हलफनामा दाखिल कर योजनाएं बताएं

कोर्ट ने स्थानीय निकाय निदेशक, उत्तर प्रदेश सरकार को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का आदेश दिया है कि शहर को बाढ़ और बारिश के पानी से राहत दिलाने के लिए किस तरह की योजनाएं बनाई गई हैं। कोर्ट ने जलभराव की स्थिति पर रिपोर्ट भी 20 अगस्त को तलब की है। नगर आयुक्त को अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, डीएम को फिलहाल व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी गई है। हालांकि, भविष्य में जरूरत पड़ने पर उन्हें कोर्ट में बुलाया जा सकता है।

मंगलवार को भी की थी सुनवाई

शहर में जलभराव की समस्या पर हाईकोर्ट ने 18 अगस्त को स्वतः संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त और डीएम को 20 अगस्त को हाजिर होने का आदेश दिया था। इसी बीच एकल पीठ के समक्ष लंबित एक अन्य जनहित याचिका को भी इसी में जोड़ दिया गया है। बुधवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त शीलम साई तेजा दोनों कोर्ट में उपस्थित हुए थे। अब 20 अगस्त को दोनों मामले की सुनवाई होगी।

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