{"_id":"69b98c147c1b10c932070f29","slug":"12-people-convicted-of-attacking-a-police-team-were-sentenced-to-three-years-in-prison-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-152531-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: पुलिस टीम पर हमले के 12 दोषियों को तीन-तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: पुलिस टीम पर हमले के 12 दोषियों को तीन-तीन साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 17 Mar 2026 10:45 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राम विलास सिंह ने वर्ष 2012 में सम्मनपुर इलाके में पुलिस टीम पर हमले के मामले में शिक्षक रामआशीष समेत 12 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर नौ-नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सम्मनपुर क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में बिजली उपकेंद्र के लिए दर्ज भूमि पर गांव के पतिराम ने अवैध कब्जा कर धान की रोपाई कर दी थी। एसडीएम सदर के आदेश पर उसके खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साथ ही 23 अगस्त 2012 को प्रशासन ने फसल हटवाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। उसी शाम पतिराम ने अपने साथियों शिक्षक रामअशीष, उनके भाई निर्मल, छट्ठू के अलावा विजय बहादुर, रामकीरत, धर्मेंद्र, अमरजीत, रणजीत, रामतीरथ, रामप्यारे, संग्राम, अखिलेश सहित अन्य 8-10 लोगों के साथ दोबारा धान की रोपाई करनी शुरू की। एसडीएम के आदेश के बाद सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष बृजेंद्र नाथ शुक्ल और एसआई सुरेश कुमार पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने अवैध कब्जा रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने एकराय होकर लाठी-डंडा और ईंट से हमला कर दिया। एसआई सुरेश कुमार पटेल की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की गई, जिसमें अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए। जांच के बाद पुलिस ने 15 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों विजय बहादुर और श्रीराम की मृत्यु हो गई। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निर्मल, छट्टू, पतिराम, रामअशीष, अमरजीत, रणजीत, रामतीरथ, रामप्यारे, संग्राम, अखिलेश, रामकीरत और धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
-- -- -- -- -- -- -
बॉक्स
शिक्षक रामअशीष को किया जा चुका है निलंबित
शिक्षक रामअशीष शिक्षा क्षेत्र अकबरपुर के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सुलहनतारा के सहायक अध्यापक पद पर तैनात था। 11 मार्च को इन्हें कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बीएसए शैलेश कुमार पटेल ने मामले की जानकारी होने पर इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बीईओ मुख्यालय को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान राम अशीष को अकबरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मानिकपुर बसिरहा से संबद्ध किया गया है। संवाद
Trending Videos
सम्मनपुर क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में बिजली उपकेंद्र के लिए दर्ज भूमि पर गांव के पतिराम ने अवैध कब्जा कर धान की रोपाई कर दी थी। एसडीएम सदर के आदेश पर उसके खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साथ ही 23 अगस्त 2012 को प्रशासन ने फसल हटवाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। उसी शाम पतिराम ने अपने साथियों शिक्षक रामअशीष, उनके भाई निर्मल, छट्ठू के अलावा विजय बहादुर, रामकीरत, धर्मेंद्र, अमरजीत, रणजीत, रामतीरथ, रामप्यारे, संग्राम, अखिलेश सहित अन्य 8-10 लोगों के साथ दोबारा धान की रोपाई करनी शुरू की। एसडीएम के आदेश के बाद सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष बृजेंद्र नाथ शुक्ल और एसआई सुरेश कुमार पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने अवैध कब्जा रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने एकराय होकर लाठी-डंडा और ईंट से हमला कर दिया। एसआई सुरेश कुमार पटेल की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की गई, जिसमें अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए। जांच के बाद पुलिस ने 15 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों विजय बहादुर और श्रीराम की मृत्यु हो गई। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निर्मल, छट्टू, पतिराम, रामअशीष, अमरजीत, रणजीत, रामतीरथ, रामप्यारे, संग्राम, अखिलेश, रामकीरत और धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बॉक्स
शिक्षक रामअशीष को किया जा चुका है निलंबित
शिक्षक रामअशीष शिक्षा क्षेत्र अकबरपुर के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सुलहनतारा के सहायक अध्यापक पद पर तैनात था। 11 मार्च को इन्हें कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बीएसए शैलेश कुमार पटेल ने मामले की जानकारी होने पर इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बीईओ मुख्यालय को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान राम अशीष को अकबरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मानिकपुर बसिरहा से संबद्ध किया गया है। संवाद