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Ambedkar Nagar News: दुष्कर्म के मामले में आरोपी की उन्मोचन अर्जी खारिज
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी पवन कुमार की उन्मोचन अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने कहा कि आरोपी के विरुद्ध आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। अदालत ने मामले में आरोप तय करने के लिए दो नवंबर की तारीख नियत की है।
पीड़िता के परिजनों ने 15 जुलाई 2026 को अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान ज्योतिपुर समैसा निवासी पवन कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने छानबीन के बाद पीड़िता को ढूंढा और आरोपी को गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच और बयान के आधार पर अपहरण, दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ।आरोपी पवन ने अपनी उन्मोचन अर्जी में आरोपों को निराधार बताया।
बचाव पक्ष ने कहा कि 14 जुलाई को आरोपी के भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। वह अंतिम संस्कार से जुड़ी पारिवारिक परिस्थितियों में व्यस्त था। अर्जी में दावा था कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और आरोपी के साथ मंदिर में विवाह किया। अदालत ने घटना के समय पीड़िता को नाबालिग माना। उसने स्पष्ट किया कि नाबालिग की सहमति का कानूनी महत्व नहीं है। (संवाद)
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पीड़िता के परिजनों ने 15 जुलाई 2026 को अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान ज्योतिपुर समैसा निवासी पवन कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने छानबीन के बाद पीड़िता को ढूंढा और आरोपी को गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच और बयान के आधार पर अपहरण, दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ।आरोपी पवन ने अपनी उन्मोचन अर्जी में आरोपों को निराधार बताया।
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बचाव पक्ष ने कहा कि 14 जुलाई को आरोपी के भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। वह अंतिम संस्कार से जुड़ी पारिवारिक परिस्थितियों में व्यस्त था। अर्जी में दावा था कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और आरोपी के साथ मंदिर में विवाह किया। अदालत ने घटना के समय पीड़िता को नाबालिग माना। उसने स्पष्ट किया कि नाबालिग की सहमति का कानूनी महत्व नहीं है। (संवाद)
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