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Ambedkar Nagar News: संतुलित अध्ययन व तार्किक उत्तर लेखन से मिल सकेंगे बेहतर अंक
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:27 AM IST
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आते ही छात्र-छात्राओं ने अपनी तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। शिक्षकों ने भी परीक्षा की दृष्टि से आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया है।
सामाजिक विज्ञान विषय को लेकर विशेष रूप से रणनीतिक अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है। श्रीमती सुमित्रा देवी शुक्ला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर की शिक्षिका सुप्रिया पटेल ने बताया कि सामाजिक विज्ञान केवल तथ्यों और तिथियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह समाज, इतिहास, शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करता है। प्रत्येक अध्याय के मूल विचार और उसके वर्तमान संदर्भ को समझकर अध्ययन करने से विषय पर पकड़ मजबूत होती है और उत्तर अधिक प्रभावी बनते हैं।
उन्होंने उत्तर लेखन को परीक्षा में सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। इतिहास में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, भूगोल में मानचित्र व आरेखों की प्रस्तुति व नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र में समकालीन उदाहरणों का प्रयोग उत्तरों को अधिक सशक्त बनाता है। इससे विषय की समझ और तार्किक सोच स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। सामाजिक विज्ञान को समाज और राष्ट्र की संरचना को समझने के माध्यम के रूप में पढ़ना विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है।
राजकीय बालिका हाईस्कूल अहिरौली रानीमऊ की सहायक शिक्षिक वंदना पांडेय ने बताया कि सामाजिक विज्ञान के सभी घटक इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र का संतुलित और योजनाबद्ध अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने पाठ्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदु, तिथियां और परिभाषाएं संक्षेप में नोट करने की सलाह दी। परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन के साथ सरल, स्पष्ट और बिंदुवार उत्तर लेखन से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
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सामाजिक विज्ञान विषय को लेकर विशेष रूप से रणनीतिक अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है। श्रीमती सुमित्रा देवी शुक्ला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर की शिक्षिका सुप्रिया पटेल ने बताया कि सामाजिक विज्ञान केवल तथ्यों और तिथियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह समाज, इतिहास, शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करता है। प्रत्येक अध्याय के मूल विचार और उसके वर्तमान संदर्भ को समझकर अध्ययन करने से विषय पर पकड़ मजबूत होती है और उत्तर अधिक प्रभावी बनते हैं।
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उन्होंने उत्तर लेखन को परीक्षा में सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। इतिहास में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, भूगोल में मानचित्र व आरेखों की प्रस्तुति व नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र में समकालीन उदाहरणों का प्रयोग उत्तरों को अधिक सशक्त बनाता है। इससे विषय की समझ और तार्किक सोच स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। सामाजिक विज्ञान को समाज और राष्ट्र की संरचना को समझने के माध्यम के रूप में पढ़ना विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है।
राजकीय बालिका हाईस्कूल अहिरौली रानीमऊ की सहायक शिक्षिक वंदना पांडेय ने बताया कि सामाजिक विज्ञान के सभी घटक इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र का संतुलित और योजनाबद्ध अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने पाठ्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदु, तिथियां और परिभाषाएं संक्षेप में नोट करने की सलाह दी। परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन के साथ सरल, स्पष्ट और बिंदुवार उत्तर लेखन से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
