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Ambedkar Nagar News: जमीन हड़पने में पंचायत सचिव, लेखपाल समेत नौ पर चार्जशीट
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बसखारी। ग्राम पंचायत नसीराबाद में परिवार रजिस्टर में कथित फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये मूल्य की जमीन हड़पने के मामले में पुलिस ने दो वर्ष की जांच के बाद पंचायत सचिव, लेखपाल, निजी सहायक, क्रेता और विक्रेता समेत नौ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है। मामले में हस्तलेख परीक्षण और साक्ष्य संकलन के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
विकासखंड बसखारी की ग्राम पंचायत नसीराबाद में करीब दो वर्ष पूर्व बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के परिवार रजिस्टर में रामविलास निवासी हाफिजपुर लंगड़ी आलापुर का नाम दर्ज कर दिया गया था। आरोप है कि नाम दर्ज होने के बाद रामविलास ने लेखपाल की मिलीभगत से लाखों रुपये मूल्य की भूमि पर उत्तराधिकार दर्ज कराकर उसका विक्रय भी कर दिया था। मामले की जानकारी होने पर तत्कालीन एडीओ पंचायत जगदंबा शुक्ल ने पंचायत सचिव पूजा चौरसिया से स्पष्टीकरण मांगा था।
जांच के बाद एडीओ पंचायत की ओर से हंसवर थाने में तत्कालीन पंचायत सचिव पूजा चौरसिया तथा ग्राम पंचायत में तैनात रहे कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस पिछले दो वर्षों से मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान आरोपी पंचायत सचिवों के हस्तलेख का परीक्षण कराया गया, लेकिन कोई मिलान नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने पंचायत सचिव पूजा चौरसिया के निजी सहायक (मुंशी) दिनेश शर्मा निवासी आमादरवेशपुर, आलापुर के हस्तलेख की जांच कराई।
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हैंडराइटिंग का मिलान होते ही जांच की दिशा बदल गई। पुलिस पूछताछ में दिनेश शर्मा ने स्वीकार किया कि उसने पंचायत सचिव के कहने पर परिवार रजिस्टर में रामविलास का नाम दर्ज किया था। इसके बाद विवेचक मनोज कुमार सैनी ने साक्ष्य, हस्तलेख रिपोर्ट और आरोपितों के बयानों के आधार पर पंचायत सचिव पूजा चौरसिया, निजी सहायक दिनेश शर्मा, रामविलास, लेखपाल अभिषेक यादव, भूमि क्रेता अनीता समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
कार्रवाई के लिए विभाग को भेजा
थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन, हस्तलेख परीक्षण और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
विकासखंड बसखारी की ग्राम पंचायत नसीराबाद में करीब दो वर्ष पूर्व बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के परिवार रजिस्टर में रामविलास निवासी हाफिजपुर लंगड़ी आलापुर का नाम दर्ज कर दिया गया था। आरोप है कि नाम दर्ज होने के बाद रामविलास ने लेखपाल की मिलीभगत से लाखों रुपये मूल्य की भूमि पर उत्तराधिकार दर्ज कराकर उसका विक्रय भी कर दिया था। मामले की जानकारी होने पर तत्कालीन एडीओ पंचायत जगदंबा शुक्ल ने पंचायत सचिव पूजा चौरसिया से स्पष्टीकरण मांगा था।
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जांच के बाद एडीओ पंचायत की ओर से हंसवर थाने में तत्कालीन पंचायत सचिव पूजा चौरसिया तथा ग्राम पंचायत में तैनात रहे कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस पिछले दो वर्षों से मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान आरोपी पंचायत सचिवों के हस्तलेख का परीक्षण कराया गया, लेकिन कोई मिलान नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने पंचायत सचिव पूजा चौरसिया के निजी सहायक (मुंशी) दिनेश शर्मा निवासी आमादरवेशपुर, आलापुर के हस्तलेख की जांच कराई।
हैंडराइटिंग का मिलान होते ही जांच की दिशा बदल गई। पुलिस पूछताछ में दिनेश शर्मा ने स्वीकार किया कि उसने पंचायत सचिव के कहने पर परिवार रजिस्टर में रामविलास का नाम दर्ज किया था। इसके बाद विवेचक मनोज कुमार सैनी ने साक्ष्य, हस्तलेख रिपोर्ट और आरोपितों के बयानों के आधार पर पंचायत सचिव पूजा चौरसिया, निजी सहायक दिनेश शर्मा, रामविलास, लेखपाल अभिषेक यादव, भूमि क्रेता अनीता समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
कार्रवाई के लिए विभाग को भेजा
थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन, हस्तलेख परीक्षण और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जा रहा है।