फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Dacoit Asim killed in encounter Ambedkarnagar After a series of bloody crimes, he became Most Wanted

आसिम ढेर: एक के बाद एक खूनी वारदात और बन गया मोस्ट वांटेड; यूपी से हरियाणा और बाराबंकी से प्रयागराज तक था आतंक

Wed, 08 Jul 2026 02:11 PM IST
Sharukh Khan प्रमन श्रीवास्तव, अमर उजाला, अंबेडकरनगर
प्रमन श्रीवास्तव, अमर उजाला, अंबेडकरनगर Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 08 Jul 2026 02:11 PM IST
सार

अंबेडकरनगर में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिम उर्फ विक्की का कई सनसनीखेज घटनाओं में नाम सामने आया था। वर्ष 2021 में बाराबंकी से प्रयागराज तक आतंक मचाया था। वर्ष 2014 के जौनपुर के ट्रिपल मर्डर समेत कई वारदात में वांछित था।

विज्ञापन
Dacoit Asim killed in encounter Ambedkarnagar After a series of bloody crimes, he became Most Wanted
up encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

करीब 12 वर्षों से पुलिस और एसटीएफ के लिए पहले बने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिम उर्फ विक्की की मौत से उत्तर प्रदेश के सबसे खूंखार डकैत गिरोहों में गिने जाने वाले एक नेटवर्क का बड़ा चेहरा खत्म हो गया। लखनऊ के महानगर क्षेत्र में वर्ष 2006 में विक्की का नाम पहली बार मादक पदार्थों की तस्करी में सामने आया था। इसके बाद 11 अक्तूबर 2013 को विक्की ने सुल्तानपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में शकील अहमद के घर अपने 10 साथियों के साथ घर में घुसकर डकैती डाली और शकील की पत्नी की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन


यह पहला मौका था जब विक्की ने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैलाई थी। गिरोह में सिंहबाज उर्फ केसरी, नुमाइश, दिलबाग, फाती उर्फ पहलवान नट, फिरोज, बग्गा नट जैसे कई अपराधी शामिल थे। 2014 में जौनपुर में हुई डकैती और तीन हत्याओं ने पूरे प्रदेश को दहलाकर रख दिया था। 
विज्ञापन

19 अगस्त 2015 को मुजफ्फरनगर के बढ़ेडी में महावीर समेत पांच अन्य घरों में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। 15 अगस्त 2015 को कौशांबी के भवन्स मेहता डिग्री कॉलेज कैंपस में घुसकर लूट के लिए केशव सिंह की हत्या की और इनकी पत्नी केशवती को बुरी तरह जख्मी किया था। 2016 में हरियाणा के अंबाला क्षेत्र के महेशनगर में रामबहादुर, 27 जुलाई 2020 को पंचकुला के रायपुर रानी में हनीफ के घर भी डकैती को अंजाम दिया।

पुलिस के आला अफसरों ने बताया कि आसिम उर्फ विक्की केवल एक शातिर डकैत नहीं, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय संगठित आपराधिक नेटवर्क का अहम सदस्य था। उसकी मौत से वर्षों से लंबित कई चर्चित मामलों में पुलिस को नई कड़ियां मिलने की उम्मीद है। जिससे गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश और नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई रफ्तार पकड़ेगी।
 
विज्ञापन

वर्ष 2021 में बाराबंकी से प्रयागराज तक मचाया था आतंक
वर्ष 2021 में विक्की ने प्रयागराज से लेकर कानपुर और बाराबंकी तक खूब आतंक मचाया। प्रयागराज में 29 अक्तूबर को शंकरगढ़ क्षेत्र में दंपती व पुत्री पर जानलेवा हमला किया। कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में तासीम उर्फ राजू की हत्या को अंजाम दिया। बाराबंकी के देवा क्षेत्र में मुजीबपुर में रामसुरेश के घर घुसकर डकैती की जिसमें रामसुरेश की बहन चंद्रवती की मौत हो गई थी। इसी क्षेत्र में कई और वारदातों को अंजाम दिया जिसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर भी लगाया।

एक लाख का इनामी डकैत विक्की मुठभेड़ में ढेर
एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर के बेवाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी छैमार गैंग के कुख्यात डकैत आसिम अली उर्फ विक्की उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को मार गिराया। मुठभेड़ में गोली लगने से एसटीएफ का एक आरक्षी भी घायल हो गया।

 

एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम को छैमार गैंग के अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। टीम ने कुशालपुर गांव के चौराहे के पास बाइक सवार दो लोगों को रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने फायरिंग कर दी जिसमें एक गोली इंस्पेक्टर सचिन मिश्रा की बुलेट प्रूफ जैकेट में जा धंसी, जबकि दूसरी गोली आरक्षी ओमनाथ चौहान के हाथ में लगते हुए निकल गई।

पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक हमलावर विक्की घायल हो गया, जबकि दूसरा भाग निकला। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को मौके से 32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस 32 बोर, तीन खोखा, 12 बोर की पौनिया देसी तमंचा, 12 कारतूस, दो खोखा, एक बैग व बाइक बरामद हुई।

 

वर्ष 2014 के जौनपुर के ट्रिपल मर्डर समेत कई वारदात में था वांछित
विक्की ने अपने गिरोह के सात बदमाशों के साथ 23 अप्रैल, 2014 को जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में रेनू सिंह के घर में घुसकर डकैती डाली थी। इस दौरान रेनू सिंह की भतीजी स्वाति सिंह, जेठानी सुमन सिंह व जेठ शुभम सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में विक्की वांछित था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। विक्की के खिलाफ विभिन्न जिलों में 21 मामले दर्ज हैं। वह करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा था।

डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए आसिम उर्फ विक्की का शव राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। यहां देर शाम तीन डॉक्टरों डॉ. हुरेंद्र, डॉ. रवि राजभर और डॉ. दिनेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और वीडियोग्राफी भी कराई गई।

उधर, बेवाना थाने में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार की तहरीर पर जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह आसिम की पत्नी कानपुर से आएंगी और शव की सुपुर्दगी लेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed