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Ambedkar Nagar News: किशोर की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 17 Mar 2026 10:41 PM IST
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर इलाके में वर्ष 2015 में हुई किशोर की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह ने दोषी खुशीराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सम्मनपुर इलाके के ग्राम अशरफपुर पचाऊख निवासी राजितराम ने 19 अक्तूबर 2015 को पुलिस का प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनका 17 वर्षीय पुत्र अपने अपने चाचा घनश्याम के साथ अरिया बाजार में रामलीला देखने गया था। दोनों लोग वहां रामलीला देख रहे थे। इसी बीच खुशीराम वर्मा निवासी जुड़ावनपुर अरिया मौके पर पहुंच गया और अमित को किसी काम के बहाने बुलाकर अपने साथ ले गया था। काफी देर तक अमित नहीं लौटा तो घनश्याम ने उसकी तलाश शुरू की। अकबरपुर इलाके में जुड़ावनपुर गांव के पूरब नहर के किनारे स्थित पटरी के पास से अमित की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। इस मामले में अकबरपुर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र पर सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कोर्ट में हुई। कोर्ट ने विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर खुशीराम को दोषी माना। खुशीराम को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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सम्मनपुर इलाके के ग्राम अशरफपुर पचाऊख निवासी राजितराम ने 19 अक्तूबर 2015 को पुलिस का प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनका 17 वर्षीय पुत्र अपने अपने चाचा घनश्याम के साथ अरिया बाजार में रामलीला देखने गया था। दोनों लोग वहां रामलीला देख रहे थे। इसी बीच खुशीराम वर्मा निवासी जुड़ावनपुर अरिया मौके पर पहुंच गया और अमित को किसी काम के बहाने बुलाकर अपने साथ ले गया था। काफी देर तक अमित नहीं लौटा तो घनश्याम ने उसकी तलाश शुरू की। अकबरपुर इलाके में जुड़ावनपुर गांव के पूरब नहर के किनारे स्थित पटरी के पास से अमित की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। इस मामले में अकबरपुर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र पर सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कोर्ट में हुई। कोर्ट ने विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर खुशीराम को दोषी माना। खुशीराम को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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