{"_id":"6a6b971b10ef19dc0e00bc50","slug":"life-imprisonment-to-the-man-convicted-of-raping-a-dalit-teenager-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-161773-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: दलित किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: दलित किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
Thu, 30 Jul 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। जैतपुर इलाके में दलित किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने दोषी आनंद सिंह उर्फ झिनक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी भेजने का आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार 11 सितंबर 2020 को आरोपी आनंद सिंह उर्फ झिनक सिंह निवासी भिटौरा दक्षिण ने घर के बाहर से दलित किशोरी का मुंह दबाकर झाड़ियों में ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घटना के संबंध में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। सत्र परीक्षण के दौरान वादिनी समेत अन्य गवाहों के बयान और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए तथा कठोर दंड की मांग की गई। बचाव पक्ष ने आरोपी के पक्ष में दलीलें दीं, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को एससी-एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि दुष्कर्म के अपराध में 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजाएं सुनाईं।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार 11 सितंबर 2020 को आरोपी आनंद सिंह उर्फ झिनक सिंह निवासी भिटौरा दक्षिण ने घर के बाहर से दलित किशोरी का मुंह दबाकर झाड़ियों में ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
विज्ञापन
घटना के संबंध में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। सत्र परीक्षण के दौरान वादिनी समेत अन्य गवाहों के बयान और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए तथा कठोर दंड की मांग की गई। बचाव पक्ष ने आरोपी के पक्ष में दलीलें दीं, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को एससी-एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि दुष्कर्म के अपराध में 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजाएं सुनाईं।