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Ambedkar Nagar News: ढाई साल तक बेटी का इंतजार करती रही मां, प्रेमी कर चुका था हत्या
Tue, 28 Jul 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:20 PM IST
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वंदना
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अंबेडकरनगर। टांडा इलाके के पिपरी मोहम्मदपुर गांव में ढाई साल से लापता बेटी के लौटने की आस लगाए बैठी एक मां की उम्मीद आखिरकार एक दर्दनाक सच में बदल गई। करीब दो माह पहले गुमशुदगी दर्ज होने के बाद टांडा पुलिस ने सूझबूझ और लगातार विवेचना से खुलासा किया। महिला के प्रेमी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने शादी के दबाव से बचने के लिए गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शव पर कई बार पिकअप चढ़ाकर उसे अयोध्या के महाराजगंज इलाके में गन्ने के खेत में फेंक दिया। घटना के समय महिला गर्भवती भी थी।
पिपरी मोहम्मदपुर गांव निवासी मंगला ने 20 मई 2026 को टांडा में अपनी 28 वर्षीय पुत्री वंदना की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगला के अनुसार उनकी पुत्री की शादी अयोध्या के रुदौली में 2022 में हुई थी। शादी के एक साल बाद ही पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वंदना वापस मायके आ गई थी लेकिन उससे परेशान होकर उन्होंने घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद से वह लौटी नहीं। गुमशुदगी दर्ज होने के साथ विवेचना दरोगा अर्जुन को सौंपी गई। जांच के दौरान मां ने डीहा सुल्तान निवासी सुभाषचंद्र मौर्य पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि वंदना और सुभाष के बीच नजदीकियां थीं। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन कड़ाई से पूछताछ में टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब आठ वर्षों से वंदना को जानता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और वह उसका खर्च भी उठाता था। वर्ष 2022 में वंदना की शादी के समय उसने आर्थिक सहयोग भी किया था। मायका छोड़ने के बाद वह वंदना के साथ सूरापुर में किराये के मकान में रहने लगा। इसी दौरान वंदना गर्भवती हो गई और शादी का दबाव बनाने लगी। यही बात आरोपी को नागवार गुजरने लगी। इस पर दोनों के मध्य आए दिन विवाद होने लगा।
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आरोपी ने बताया कि दिसंबर 2023 में वह वंदना को अपने पिकअप वाहन से अयोध्या ले जा रहा था। रास्ते में भी कहासुनी होने पर दर्शननगर से वापस हो लिया और मया बाजार के निकट नहर के रास्ते सुनसान स्थान पर ले गया। यहां उसने पहले गला दबाकर वंदना की हत्या कर दी। इसके बाद मौत सुनिश्चित करने और पहचान मिटाने के लिए शव के ऊपर पिकअप दो-तीन बार चढ़ाया तथा शव को घसीटकर पास के गन्ने के खेत में फेंक दिया और भाग गया।
टांडा पुलिस ने आरोपी के बयान के बाद अयोध्या के महाराजगंज थाने से संपर्क किया तो पता चला कि दिसंबर 2023 में मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, पर कोई सुराग नहीं लगा था। अब आरोपी के इकबालिया बयान के बाद महाराजगंज पुलिस उसे अपनी अभिरक्षा में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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फाइनल रिपोर्ट लगाकर बंद कर दी थी फाइल
इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि महाराजगंज क्षेत्र में घटना के चार-पांच दिन बाद शव मिला था। शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और उसकी पहचान हो पाना भी मुश्किल था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। वर्ष 2024 के जनवरी माह में इस मामले में अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज की गई। काफी प्रयास के बाद भी न तो महिला की शिनाख्त हुई और न ही हत्यारे का सुराग लग सका। इस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी थी।
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पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने इस खुलासे पर प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवबक्श सिंह और उपनिरीक्षक अर्जुन की टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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पिपरी मोहम्मदपुर गांव निवासी मंगला ने 20 मई 2026 को टांडा में अपनी 28 वर्षीय पुत्री वंदना की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगला के अनुसार उनकी पुत्री की शादी अयोध्या के रुदौली में 2022 में हुई थी। शादी के एक साल बाद ही पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वंदना वापस मायके आ गई थी लेकिन उससे परेशान होकर उन्होंने घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद से वह लौटी नहीं। गुमशुदगी दर्ज होने के साथ विवेचना दरोगा अर्जुन को सौंपी गई। जांच के दौरान मां ने डीहा सुल्तान निवासी सुभाषचंद्र मौर्य पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि वंदना और सुभाष के बीच नजदीकियां थीं। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन कड़ाई से पूछताछ में टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब आठ वर्षों से वंदना को जानता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और वह उसका खर्च भी उठाता था। वर्ष 2022 में वंदना की शादी के समय उसने आर्थिक सहयोग भी किया था। मायका छोड़ने के बाद वह वंदना के साथ सूरापुर में किराये के मकान में रहने लगा। इसी दौरान वंदना गर्भवती हो गई और शादी का दबाव बनाने लगी। यही बात आरोपी को नागवार गुजरने लगी। इस पर दोनों के मध्य आए दिन विवाद होने लगा।
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आरोपी ने बताया कि दिसंबर 2023 में वह वंदना को अपने पिकअप वाहन से अयोध्या ले जा रहा था। रास्ते में भी कहासुनी होने पर दर्शननगर से वापस हो लिया और मया बाजार के निकट नहर के रास्ते सुनसान स्थान पर ले गया। यहां उसने पहले गला दबाकर वंदना की हत्या कर दी। इसके बाद मौत सुनिश्चित करने और पहचान मिटाने के लिए शव के ऊपर पिकअप दो-तीन बार चढ़ाया तथा शव को घसीटकर पास के गन्ने के खेत में फेंक दिया और भाग गया।
टांडा पुलिस ने आरोपी के बयान के बाद अयोध्या के महाराजगंज थाने से संपर्क किया तो पता चला कि दिसंबर 2023 में मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, पर कोई सुराग नहीं लगा था। अब आरोपी के इकबालिया बयान के बाद महाराजगंज पुलिस उसे अपनी अभिरक्षा में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फाइनल रिपोर्ट लगाकर बंद कर दी थी फाइल
इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि महाराजगंज क्षेत्र में घटना के चार-पांच दिन बाद शव मिला था। शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और उसकी पहचान हो पाना भी मुश्किल था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। वर्ष 2024 के जनवरी माह में इस मामले में अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज की गई। काफी प्रयास के बाद भी न तो महिला की शिनाख्त हुई और न ही हत्यारे का सुराग लग सका। इस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी थी।
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने इस खुलासे पर प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवबक्श सिंह और उपनिरीक्षक अर्जुन की टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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