{"_id":"6a85e76b445dc5c96203070d","slug":"order-for-fir-against-the-tehsildar-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-163142-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के शहजादपुर में एक दुकान पर जबरन कब्जे और सामान फेंकने के मामले को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार की अदालत ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने सैयद सोएब रिजवी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अकबरपुर पुलिस को मामले में विपक्षी अरुण कुमार व तहसीलदार संतोष कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस को नियमानुसार विवेचना कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देनी होगी।
शहजादपुर के सोएब रिजवी ने कोर्ट को दिए गए प्रार्थनापत्र में अरुण कुमार और अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार को प्रतिवादी बनाया। इसमें बताया कि उन्होंने 7 दिसंबर 2020 को सिझौली में रमेश से 14.50 लाख रुपये में एक मकान खरीदा था। पंजीकृत बैनामे के बाद उन्होंने दुकान में रैक और फर्नीचर लगाकर कारोबार शुरू किया।
आवेदक के अनुसार, अरुण कुमार लगातार इस मकान के लिए विवाद करते रहे। उपजिलाधिकारी स्तर से स्पष्ट हुआ कि विवाद सिविल प्रकृति का है। प्रशासनिक स्तर से कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई नहीं हो सकती थी। इसके बावजूद 20 फरवरी 2026 को अरुण कुमार ने तहसीलदार अकबरपुर संतोष कुमार को मौके पर बुलाया।
विज्ञापन
आरोप है कि तहसीलदार की मौजूदगी में उनके सुरक्षाकर्मियों और पांच अज्ञात लोगों ने दुकान का ताला तोड़ दिया, सामान बाहर फेंक दिया गया। आवेदक ने घटना की फोटो और वीडियो होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि थाने और एसपी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मांगी। जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अकबरपुर की जांच रिपोर्ट में तहसीलदार संतोष कुमार की घटनास्थल पर मौजूदगी सामने आई। तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी के मौखिक निर्देश पर स्थलीय निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
शहजादपुर के सोएब रिजवी ने कोर्ट को दिए गए प्रार्थनापत्र में अरुण कुमार और अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार को प्रतिवादी बनाया। इसमें बताया कि उन्होंने 7 दिसंबर 2020 को सिझौली में रमेश से 14.50 लाख रुपये में एक मकान खरीदा था। पंजीकृत बैनामे के बाद उन्होंने दुकान में रैक और फर्नीचर लगाकर कारोबार शुरू किया।
विज्ञापन
आवेदक के अनुसार, अरुण कुमार लगातार इस मकान के लिए विवाद करते रहे। उपजिलाधिकारी स्तर से स्पष्ट हुआ कि विवाद सिविल प्रकृति का है। प्रशासनिक स्तर से कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई नहीं हो सकती थी। इसके बावजूद 20 फरवरी 2026 को अरुण कुमार ने तहसीलदार अकबरपुर संतोष कुमार को मौके पर बुलाया।
विज्ञापन
आरोप है कि तहसीलदार की मौजूदगी में उनके सुरक्षाकर्मियों और पांच अज्ञात लोगों ने दुकान का ताला तोड़ दिया, सामान बाहर फेंक दिया गया। आवेदक ने घटना की फोटो और वीडियो होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि थाने और एसपी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मांगी। जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अकबरपुर की जांच रिपोर्ट में तहसीलदार संतोष कुमार की घटनास्थल पर मौजूदगी सामने आई। तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी के मौखिक निर्देश पर स्थलीय निरीक्षण किया था।