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Amethi News: दरवाजे में उतरे करंट से मासूम की मौत
Thu, 13 Aug 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:48 AM IST
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सीएचसी संग्रामपुर में राते-बिलखते मृतक के परिजन। स्रोत: स्थानीय नागरिक
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संग्रामपुर। धरौली पुन्नपुर गांव में बुधवार दोपहर लोहे के दरवाजे में उतरे करंट की चपेट में आने से चार वर्षीय अर्पित जायसवाल की मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचा चचेरा भाई आयुष जायसवाल भी झुलस गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
शिवकुमार ने बताया कि उनका बेटा अर्पित केजी में पढ़ता था। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल से घर लौटने के बाद उसने खाना खाया। पानी पीने के लिए वह लोहे का दरवाजा खोलने पहुंचा। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंचे आयुष को भी बिजली का झटका लगा।
परिजनों और पड़ोसियों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को अलग किया। इसके बाद उन्हें सीएचसी संग्रामपुर ले जाया गया। चिकित्सकों ने अर्पित को मृत घोषित कर दिया। आयुष की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि लोहे के दरवाजे में करंट उतरने से हादसा हुआ है। पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
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सूचना के बाद समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस
परिजनों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची। काफी इंतजार के बाद बच्चे को निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चे की मौत के बाद पिता शिवकुमार का रो-रोकर बुरा हाल है। चाची मंजू जायसवाल अर्पित को याद कर बिलखती रहीं। छोटा भाई आदित्य शव से लिपटकर उसे उठाने की कोशिश करता रहा। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। रिश्तेदार परिजनों को संभालने में जुटे रहे।
अमेठी में घरेलू करंट से मौत की घटनाएं
12 मई : झलही बहोरिकपुर में पंखे में करंट उतरने से मासूम की मौत।
13 मई : पूरे बसावन में फर्राटा पंखा गिरने से शिवाकांती (45) की मौत।
26 जून : पूरे रामदयाल सरवन में पंखा लगाते समय अंकित (21) की मौत।
29 जून : पठानपुर में फर्राटा पंखा लगाते समय पप्पू उर्फ पंचम कश्यप (50) की मौत।
21 जुलाई : नेमधर पंडित पुरवा में घरेलू काम के दौरान पुष्पा (26) की करंट लगने से मौत।
28 जुलाई : लालूपुर ढेबिया में लोहे के चैनल में करंट उतरने से स्वीटी (42) की मौत।
बरतें ये सावधानी
सेवानिवृत्त अवर अभियंता रामकृष्ण के अनुसार घर में बिजली के तार, स्विच और उपकरणों की नियमित जांच करानी चाहिए। कटे या खुले तार मिलने पर खुद मरम्मत न करें। गीले हाथों से स्विच और उपकरण न छुएं। लोहे के दरवाजे, ग्रिल या अन्य धातु के हिस्से में करंट उतरने की आशंका हो तो उसे छूने से बचें और मुख्य आपूर्ति बंद कराएं। किसी व्यक्ति के करंट की चपेट में आने पर उसे सीधे हाथ से न पकड़ें। पहले बिजली आपूर्ति बंद करें। इसके बाद सूखी लकड़ी या किसी गैर-चालक वस्तु की मदद से उसे तार या बिजली के स्रोत से अलग करें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। खेत में बिजली का तार टूटकर गिरा हो तो उसके पास न जाएं और विभाग को सूचना दें।
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शिवकुमार ने बताया कि उनका बेटा अर्पित केजी में पढ़ता था। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल से घर लौटने के बाद उसने खाना खाया। पानी पीने के लिए वह लोहे का दरवाजा खोलने पहुंचा। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंचे आयुष को भी बिजली का झटका लगा।
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परिजनों और पड़ोसियों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को अलग किया। इसके बाद उन्हें सीएचसी संग्रामपुर ले जाया गया। चिकित्सकों ने अर्पित को मृत घोषित कर दिया। आयुष की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि लोहे के दरवाजे में करंट उतरने से हादसा हुआ है। पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
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सूचना के बाद समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस
परिजनों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची। काफी इंतजार के बाद बच्चे को निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चे की मौत के बाद पिता शिवकुमार का रो-रोकर बुरा हाल है। चाची मंजू जायसवाल अर्पित को याद कर बिलखती रहीं। छोटा भाई आदित्य शव से लिपटकर उसे उठाने की कोशिश करता रहा। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। रिश्तेदार परिजनों को संभालने में जुटे रहे।
अमेठी में घरेलू करंट से मौत की घटनाएं
12 मई : झलही बहोरिकपुर में पंखे में करंट उतरने से मासूम की मौत।
13 मई : पूरे बसावन में फर्राटा पंखा गिरने से शिवाकांती (45) की मौत।
26 जून : पूरे रामदयाल सरवन में पंखा लगाते समय अंकित (21) की मौत।
29 जून : पठानपुर में फर्राटा पंखा लगाते समय पप्पू उर्फ पंचम कश्यप (50) की मौत।
21 जुलाई : नेमधर पंडित पुरवा में घरेलू काम के दौरान पुष्पा (26) की करंट लगने से मौत।
28 जुलाई : लालूपुर ढेबिया में लोहे के चैनल में करंट उतरने से स्वीटी (42) की मौत।
बरतें ये सावधानी
सेवानिवृत्त अवर अभियंता रामकृष्ण के अनुसार घर में बिजली के तार, स्विच और उपकरणों की नियमित जांच करानी चाहिए। कटे या खुले तार मिलने पर खुद मरम्मत न करें। गीले हाथों से स्विच और उपकरण न छुएं। लोहे के दरवाजे, ग्रिल या अन्य धातु के हिस्से में करंट उतरने की आशंका हो तो उसे छूने से बचें और मुख्य आपूर्ति बंद कराएं। किसी व्यक्ति के करंट की चपेट में आने पर उसे सीधे हाथ से न पकड़ें। पहले बिजली आपूर्ति बंद करें। इसके बाद सूखी लकड़ी या किसी गैर-चालक वस्तु की मदद से उसे तार या बिजली के स्रोत से अलग करें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। खेत में बिजली का तार टूटकर गिरा हो तो उसके पास न जाएं और विभाग को सूचना दें।