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Amethi News: इलाज के दौरान मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Mon, 13 Jul 2026 02:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:22 AM IST
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मुंशीगंज अस्पताल में विवाद के दौरान परिजनों को समझाते पुलिसकर्मी। -संवाद
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अमेठी सिटी। संग्रामपुर के रामगढ़ गांव निवासी चंद्रभान सिंह (65) की रविवार शाम मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा किया। हंगामे के दौरान इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की गई। मुंशीगंज पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया।
राजीव कुमार के मुताबिक उनके पिता चंद्रभान सिंह को रविवार को सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने इमरजेंसी में उपचार शुरू करने के बाद उन्हें एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया। वहां अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें एमआईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि उस समय कार्डियोलॉजी विभाग में हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद मरीज को भर्ती रखा गया। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार हंगामे के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉ. विनय शुक्ला के साथ मारपीट की गई। जान बचाने के लिए उन्हें बाथरूम में शरण लेनी पड़ी। इमरजेंसी कैश काउंटर पर तैनात अमन सिंह के साथ मारपीट की गई। इसके अलावा वार्डों में तोड़फोड़ की गई, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
राजीव कुमार का आरोप है कि यदि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे तो उनके पिता को तत्काल किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किए जाने से उनकी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने करीब ढाई घंटे तक अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। अमेठी, गौरीगंज व संग्रामपुर थाने की पुलिस मौजूद रही।
मुंशीगंज के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराई। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में मरीज की मौत के मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम में एसीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. पुलक यादव और शेष पांडेय को शामिल किया गया है। सीएमओ ने कहा कि टीम पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपचार में नहीं बरती गई लापरवाही
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के मैनेजर एडमिन सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि मरीज के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। उनके अनुसार मरीज को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू किया और हालत बिगड़ने पर उसे उच्च स्तरीय निगरानी में रखा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजनों के अनुसार मरीज पिछले दो दिनों से बीमार था और उसे पहले भी कई अस्पतालों में उपचार कराया जा चुका था। परिजनों की सहमति मिलने के बाद उपचार किया जा रहा था।
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राजीव कुमार के मुताबिक उनके पिता चंद्रभान सिंह को रविवार को सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने इमरजेंसी में उपचार शुरू करने के बाद उन्हें एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया। वहां अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें एमआईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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परिजनों का कहना है कि उस समय कार्डियोलॉजी विभाग में हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद मरीज को भर्ती रखा गया। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार हंगामे के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉ. विनय शुक्ला के साथ मारपीट की गई। जान बचाने के लिए उन्हें बाथरूम में शरण लेनी पड़ी। इमरजेंसी कैश काउंटर पर तैनात अमन सिंह के साथ मारपीट की गई। इसके अलावा वार्डों में तोड़फोड़ की गई, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
राजीव कुमार का आरोप है कि यदि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे तो उनके पिता को तत्काल किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किए जाने से उनकी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने करीब ढाई घंटे तक अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। अमेठी, गौरीगंज व संग्रामपुर थाने की पुलिस मौजूद रही।
मुंशीगंज के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराई। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में मरीज की मौत के मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम में एसीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. पुलक यादव और शेष पांडेय को शामिल किया गया है। सीएमओ ने कहा कि टीम पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपचार में नहीं बरती गई लापरवाही
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के मैनेजर एडमिन सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि मरीज के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। उनके अनुसार मरीज को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू किया और हालत बिगड़ने पर उसे उच्च स्तरीय निगरानी में रखा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजनों के अनुसार मरीज पिछले दो दिनों से बीमार था और उसे पहले भी कई अस्पतालों में उपचार कराया जा चुका था। परिजनों की सहमति मिलने के बाद उपचार किया जा रहा था।