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Amethi News: 12 साल पुराने संदीप हत्याकांड में चार आरोपी बरी
Thu, 02 Jul 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:11 AM IST
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अमेठी सिटी। पीपरपुर के परसूपुर रामपुर निवासी पूर्व प्रधान दशरथ यादव के पुत्र संदीप यादव की हत्या के करीब 12 साल पुराने मामले में एडीजे प्रथम सुल्तानपुर संध्या चौधरी की अदालत ने चार आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।
दशरथ यादव ने 23 अगस्त 2014 को दर्ज कराई रिपोर्ट के जरिये आरोप लगाया था कि उनके पुत्र संदीप यादव उर्फ राजन की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर शव छिपाने का प्रयास किया गया। मामले में ठाकुरराम का पुरवा निवासी बृजेश सिंह उर्फ कल्लू, उमेश सिंह, दिनेश सिंह उर्फ सूबेदार, भारामल का पुरवा निवासी संतोष सिंह तथा असरवन निवासी सूरज सिंह को नामजद किया गया था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। फरार चल रहे संतोष सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई थी। अदालत ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी, कुर्की व जमानतदारों पर कार्रवाई जारी रखने का आदेश दिया है।
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तीन बार टलने के बाद आया फैसला
संदीप हत्याकांड में अदालत ने पहले 26 मई को फैसला सुनाने की तिथि तय की थी, लेकिन निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद 24 जून और फिर 25 जून की तिथि भी टल गई। आखिरकार 30 जून को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया।
छह दिन बाद फिर एडीजे प्रथम कोर्ट पहुंची थी पत्रावली
मामले की पत्रावली 20 मई को एडीजे प्रथम की अदालत से स्थानांतरित होकर एडीजे षष्ठम की अदालत में चली गई थी। बाद में पूर्व ट्रायल कोर्ट के अनुरोध पर 26 मई को फाइल दोबारा एडीजे प्रथम की अदालत में भेजी गई, जहां फैसला सुनाया गया।
हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देगा अभियोजन पक्ष
फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने असंतोष जताया। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य थे, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना। उन्होंने बताया कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर आरोपियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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दशरथ यादव ने 23 अगस्त 2014 को दर्ज कराई रिपोर्ट के जरिये आरोप लगाया था कि उनके पुत्र संदीप यादव उर्फ राजन की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर शव छिपाने का प्रयास किया गया। मामले में ठाकुरराम का पुरवा निवासी बृजेश सिंह उर्फ कल्लू, उमेश सिंह, दिनेश सिंह उर्फ सूबेदार, भारामल का पुरवा निवासी संतोष सिंह तथा असरवन निवासी सूरज सिंह को नामजद किया गया था।
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पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। फरार चल रहे संतोष सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई थी। अदालत ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी, कुर्की व जमानतदारों पर कार्रवाई जारी रखने का आदेश दिया है।
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तीन बार टलने के बाद आया फैसला
संदीप हत्याकांड में अदालत ने पहले 26 मई को फैसला सुनाने की तिथि तय की थी, लेकिन निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद 24 जून और फिर 25 जून की तिथि भी टल गई। आखिरकार 30 जून को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया।
छह दिन बाद फिर एडीजे प्रथम कोर्ट पहुंची थी पत्रावली
मामले की पत्रावली 20 मई को एडीजे प्रथम की अदालत से स्थानांतरित होकर एडीजे षष्ठम की अदालत में चली गई थी। बाद में पूर्व ट्रायल कोर्ट के अनुरोध पर 26 मई को फाइल दोबारा एडीजे प्रथम की अदालत में भेजी गई, जहां फैसला सुनाया गया।
हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देगा अभियोजन पक्ष
फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने असंतोष जताया। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य थे, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना। उन्होंने बताया कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर आरोपियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।