{"_id":"69e6781309802ee26d0f990b","slug":"increase-public-participation-for-cow-service-amethi-news-c-96-1-ame1008-163873-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: गोसेवा के लिए जनभागीदारी बढ़ाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: गोसेवा के लिए जनभागीदारी बढ़ाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेठी सिटी। गोमाता और नंदी के संरक्षण को समाज से जोड़ने की जरूरत है। इसी भावना के साथ सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोसेवा केवल परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है।
बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। सहभागिता योजना के तहत गोपालकों को गोवंश सौंपे गए हैं। प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे देखभाल में सहयोग मिल रहा है। समीक्षा के दौरान गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। चारा, पेयजल, छांव और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही उद्यान विभाग को गोबर खाद की खरीद बढ़ाने और वन विभाग को पौधरोपण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में डीएम संजय चौहान, एसपी सरवणन टी, सीडीओ सचिन कुमार सिंह, एडीएम अनिल चतुर्वेदी, अपर निदेशक पशुपालन विभाग और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीके शुक्ल आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। सहभागिता योजना के तहत गोपालकों को गोवंश सौंपे गए हैं। प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे देखभाल में सहयोग मिल रहा है। समीक्षा के दौरान गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। चारा, पेयजल, छांव और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
साथ ही उद्यान विभाग को गोबर खाद की खरीद बढ़ाने और वन विभाग को पौधरोपण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में डीएम संजय चौहान, एसपी सरवणन टी, सीडीओ सचिन कुमार सिंह, एडीएम अनिल चतुर्वेदी, अपर निदेशक पशुपालन विभाग और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीके शुक्ल आदि मौजूद रहे।

कमेंट
कमेंट X