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Amethi News: सर्द रातों में घर से निकल कर फर्ज निभाना आसान नहीं

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:01 AM IST
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It is not easy to leave the house on cold nights and perform our duties.
गौरीगंज कस्बे में ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते लोग। - फोटो : गौरीगंज कस्बे में ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते लोग।
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अमेठी सिटी।
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जनवरी में भीषण ठंड और शीतलहर के बीच रात में काम करने वाले लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने गलन और बढ़ा दी।
गौरीगंज स्टेशन मार्ग पर बुधवार रात 7:35 बजे अमित सिंह दुकान पर चाय बनाते मिले। बोले, लंबे समय तक काउंटर पर खड़े रहना कठिन हो जाता है। ठंड के मारे हाथ सुन्न होने लगता है। रोजी-रोटी का सवाल है, इसलिए भीषण ठंड में भी दुकान पर डटे रहते हैं।
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गौरीगंज कोतवाली में तैनात सिपाही अमित प्रताप सिंह सब्जी मंडी में 7:42 बजे ड्यूटी करते मिले। बताया कि कभी दिन, तो कभी रात में ड्यूटी करनी पड़ती है। आम लोगों की सुरक्षा का सवाल है। मुस्तैदी तो दिखानी ही होगी। ठंड के मद्देनजर खाने में लहसुन और अदरक का प्रयोग बढ़ा दिया है। इससे कुछ राहत मिलती है।
बुधवार रात आठ बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. संदीप कुमार ड्यूटी करते मिले। पास में ब्लोअर लगा था। उन्होंने बताया कि हमारी ड्यूटी है...इसलिए अस्पताल आए हैं। आम लोग इतनी ठंड में बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। नाक व कान को ढकर कर रखें।
गौरीगंज कस्बे में रात 8.12 बजे मौजूद मेडिकल स्टोर संचालक अनुज तिवारी ने बताया कि रात में भी मरीज दवा लेने आते हैं। इसलिए दुकान पर रहना पड़ता है।
गौरीगंज सब्जी मंडी में 8:45 बजे दुकान पर मिले करन गुप्ता ने बताया कि परिवार का भरण-पोषण करने के लिए भीषण ठंड में भी दुकान खोलनी पड़ती है।
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रैन बसेरा और अलाव की परखी व्यवस्था
शीतलहर के बीच बुधवार रात व्यवस्था परखने निकले जिलाधिकारी संजय चौहान ने गौरीगंज में रैन बसेरों और अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सब्जी मंडी तिराहा पर जलते अलाव देखे गए। उन्होंने बताया कि 13 रैन बसेरे और 108 सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
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धूप रही बेअसर, पछुआ हवा से सर्दी और बढ़ी
अमेठी सिटी। मौसम में लगातार बदलाव दिख रहा है। बुधवार को कोहरा नहीं रहा, मगर आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने गलन बढ़ा दी। पूरे दिन सर्द हवा चलती रही, जिससे आमजन परेशान रहे। दोपहर में कुछ समय धूप निकली, लेकिन उससे ठंड में खास कमी नहीं आई।
मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य से लगभग आठ डिग्री कम रहा। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन दिन तक ठंड ऐसे ही रहेगी। सुबह के समय कोहरा छाने की संभावना है।
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सुबह गुनगुने पानी में हल्दी डालकर पीएं, मिलेगी ऊर्जा
अमेठी सिटी। सर्दियों में वात दोष के कारण शरीर में सुस्ती, शुष्क त्वचा, जोड़ों में दर्द, कब्ज, बालों का झड़ना और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। आयुर्वेद इनसे बचने के लिए पौष्टिक आहार की सलाह देता है।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अमेठी के चिकित्सक डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी और लौंग प्राकृतिक कवच का काम करती हैं। सुबह गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। आहार में तिल, घी, मक्खन, मूंग दाल, पुराना गेहूं, बाजरा, बादाम, अखरोट, खजूर, मुनक्का और गुड़ को शामिल करें। ठंड से बचने के लिए ठंडी, बासी, रूखी वस्तुएं, दही, छाछ, कोल्ड ड्रिंक, चना-राजमा और अधिक चाय-कॉफी से परहेज करें।
दिनचर्या में सबसे महत्वपूर्ण है तेल मालिश

प्रतिदिन तिल या सरसों का तेल पूरे शरीर, सिर, कान और तलवों पर लगाकर पांच से 10 मिनट मालिश करें, फिर गुनगुने पानी से स्नान करें। दिन में 10 से 12 गिलास गुनगुना पानी पीएं। हल्का व्यायाम, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम नियमित करें। रात 10 बजे तक सो जाएं।
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कमाल के काढ़े

तुलसी-अदरक : तुलसी में एंटी-वायरल गुण होते हैं, जबकि अदरक में जिंजरॉल नामक तत्व सूजन कम करता है। इसके लिए पानी में तुलसी के पत्ते और कुटी हुई अदरक डालकर उबालें। इसे पीने से गले की खराश और खांसी में आराम मिलेगा है। इम्यूनिटी बढ़ेगी।
गुड़-अदरक :
गुड़ में आयरन होने से शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। पानी में अदरक और गुड़ डालकर अच्छी तरह उबाल कर पीएं। यह शरीर को आंतरिक गर्माहट देगा। खून की कमी को दूर करेगा। थकान भी कम करेगा।
नींबू-अदरक-शहद : नींबू-अदरक-शहद का काढ़ा डिटॉक्स और इम्यूनिटी दोनों के लिए अच्छा है। गर्म पानी में नींबू का रस, एक चम्मच शहद और अदरक का रस मिलाएं। यह कब्ज और एसिडिटी में भी राहत देगा।
अजवाइन : इसका काढ़ा कफ नाशक है। इसके लिए पानी में अजवाइन और थोड़ी सी काली मिर्च डालकर उबालें। यह काढ़ा विशेष रूप से छाती के कंजेशन और बंद नाक को खोलने में मदद करता है।
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