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Amethi News: आज दर्ज हो सकता है पीडी का बयान
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:17 AM IST
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अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में नामित विवादित फर्म ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक (पीडी) ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में गठित जांच टीम सोमवार को परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर सकती है। हालांकि फर्म संचालक मंडल स्तर से जांच कराए जाने की कवायद में जुटे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लाभार्थी भ्रष्टाचार की चक्की में पिस रहे हैं। विवाह में उपहार व आयोजन कराने से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के बाद समाज कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले को शासन की ओर से 308 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड, रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया गया था।
चयनित फर्म का फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर लेने का मामला प्रकाश में आने से फर्म के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। फर्म संचालक जगदीश प्रसाद ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी संजय चौहान व मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने जांच के लिए जिला विकास अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की टीम गठित की है। टीम ने फर्म संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था लेकिन वह नहीं आए। हालांकि टीम ने एक और मौका फर्म संचालक को दिया है। वहीं अब फर्म संचालक इस मामले की जांच कराने के लिए मंडलायुक्त से कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं, टीम सोमवार को परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर सकती है।
जिला विकास अधिकारी वीरभानु ने बताया कि परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बताया कि फर्म संचालक 15 जनवरी के बाद फर्म संचालक को पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया जाएगा। कहा कि वह मंडल स्तर से जांच कराने की बात भी कह रहे हैं। कहा कि अगर संचालक अपना पक्ष रखने नहीं आते हैं तो इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लाभार्थी भ्रष्टाचार की चक्की में पिस रहे हैं। विवाह में उपहार व आयोजन कराने से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के बाद समाज कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले को शासन की ओर से 308 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड, रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया गया था।
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चयनित फर्म का फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर लेने का मामला प्रकाश में आने से फर्म के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। फर्म संचालक जगदीश प्रसाद ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी संजय चौहान व मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने जांच के लिए जिला विकास अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की टीम गठित की है। टीम ने फर्म संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था लेकिन वह नहीं आए। हालांकि टीम ने एक और मौका फर्म संचालक को दिया है। वहीं अब फर्म संचालक इस मामले की जांच कराने के लिए मंडलायुक्त से कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं, टीम सोमवार को परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर सकती है।
जिला विकास अधिकारी वीरभानु ने बताया कि परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बताया कि फर्म संचालक 15 जनवरी के बाद फर्म संचालक को पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया जाएगा। कहा कि वह मंडल स्तर से जांच कराने की बात भी कह रहे हैं। कहा कि अगर संचालक अपना पक्ष रखने नहीं आते हैं तो इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।