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Amethi News: तीन दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:17 AM IST
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जायस के भीरा महोना गांव में गमगीन परिजन। स्रोत: स्थानीय
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जायस। भीरा मजरे मोहना गांव में चार दिन से लापता श्रमिक ज्ञानचंद्र पासी (32) की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में सोमवार को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद स्थिति सामान्य हुई। परिजन पहले अंतिम संस्कार से इन्कार कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई के बाद मान गए और तीन दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात रही।
ज्ञानचंद्र का शव शनिवार को गांव के पास स्थित कुएं से बरामद हुआ था। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। देर शाम शव गांव पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि ज्ञानचंद्र चार दिन से लापता था और गुमशुदगी की सूचना देने के बावजूद समय पर खोजबीन नहीं की गई। मृतक की मां राजपता ने गांव के रामस्वरुप पर हत्या कर शव कुएं में फेंकने का आरोप लगाया और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
आरोप पर तत्काल कार्रवाई न होने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया। रविवार को भीम आर्मी के देवेंद्र भीमराज, सपा नेता मुस्लिम गुर्जर, हरिश्चंद्र फौजी, कौशलेंद्र, विमल और मुस्तकीम सहित कई लोग गांव पहुंचे। सभी ने परिजनों के साथ पुलिस से कार्रवाई की मांग की। दिनभर समझाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। परिजनों ने सोमवार को राजमार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
इसके बाद पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर आरोपी रामस्वरुप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। कार्रवाई के बाद परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। सीओ तिलोई दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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ज्ञानचंद्र का शव शनिवार को गांव के पास स्थित कुएं से बरामद हुआ था। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। देर शाम शव गांव पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि ज्ञानचंद्र चार दिन से लापता था और गुमशुदगी की सूचना देने के बावजूद समय पर खोजबीन नहीं की गई। मृतक की मां राजपता ने गांव के रामस्वरुप पर हत्या कर शव कुएं में फेंकने का आरोप लगाया और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
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आरोप पर तत्काल कार्रवाई न होने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया। रविवार को भीम आर्मी के देवेंद्र भीमराज, सपा नेता मुस्लिम गुर्जर, हरिश्चंद्र फौजी, कौशलेंद्र, विमल और मुस्तकीम सहित कई लोग गांव पहुंचे। सभी ने परिजनों के साथ पुलिस से कार्रवाई की मांग की। दिनभर समझाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। परिजनों ने सोमवार को राजमार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
इसके बाद पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर आरोपी रामस्वरुप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। कार्रवाई के बाद परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। सीओ तिलोई दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।

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