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Amethi News: देशभक्ति और पर्यावरण का संगम बनेगी वंदेमातरम वाटिका
Sat, 15 Aug 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:55 AM IST
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अमेठी सिटी। स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाली वंदेमातरम वाटिका स्थापित होगी। कादूनाला वन ब्लॉक के पास गुन्नौर में वाटिका की स्थापना की जाएगी। वंदेमातरम रचना की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में यहां पौधे लगाए जाएंगे।
गुन्नौर में वाटिका के लिए चुना गया स्थान भी खास है। कादूनाला वन क्षेत्र के पास शहीद स्मारक स्थित है। ऐसे स्थान पर विकसित होने वाली वाटिका शहीदों की स्मृति और प्रकृति संरक्षण को राष्ट्रभाव से जोड़ने का माध्यम बनेगी। पौधों के विकसित होने पर क्षेत्र में हरियाली और छाया का दायरा बढ़ेगा। वाटिका में हरिशंकरी के साथ पीपल, बरगद, पाकड़, शीशम और सागौन के पौधे लगाए जाएंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले इन वृक्षों का चयन क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया गया है। वन विभाग पौधों के संरक्षण और देखभाल पर भी ध्यान देगा। वाटिका के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के महत्व के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश देने की तैयारी है। इसके विकसित होने पर स्थानीय लोगों को हरित वातावरण के बीच समय बिताने का अवसर मिलेगा। विभाग का उद्देश्य इसे केवल एक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय स्थायी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
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जयंती पर होगा विशेष कार्यक्रम
प्रभागीय वन अधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि 15 अगस्त को वाटिका स्थापना के साथ वंदेमातरम रचना की 150वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम होगा। जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पौधरोपण में शामिल होंगे। 150 पौधे लगाने का उद्देश्य जयंती को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से पौधों की देखभाल में सहयोग की अपील की।
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गुन्नौर में वाटिका के लिए चुना गया स्थान भी खास है। कादूनाला वन क्षेत्र के पास शहीद स्मारक स्थित है। ऐसे स्थान पर विकसित होने वाली वाटिका शहीदों की स्मृति और प्रकृति संरक्षण को राष्ट्रभाव से जोड़ने का माध्यम बनेगी। पौधों के विकसित होने पर क्षेत्र में हरियाली और छाया का दायरा बढ़ेगा। वाटिका में हरिशंकरी के साथ पीपल, बरगद, पाकड़, शीशम और सागौन के पौधे लगाए जाएंगे।
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धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले इन वृक्षों का चयन क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया गया है। वन विभाग पौधों के संरक्षण और देखभाल पर भी ध्यान देगा। वाटिका के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के महत्व के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश देने की तैयारी है। इसके विकसित होने पर स्थानीय लोगों को हरित वातावरण के बीच समय बिताने का अवसर मिलेगा। विभाग का उद्देश्य इसे केवल एक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय स्थायी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
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जयंती पर होगा विशेष कार्यक्रम
प्रभागीय वन अधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि 15 अगस्त को वाटिका स्थापना के साथ वंदेमातरम रचना की 150वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम होगा। जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पौधरोपण में शामिल होंगे। 150 पौधे लगाने का उद्देश्य जयंती को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से पौधों की देखभाल में सहयोग की अपील की।