{"_id":"6adbcaba489e88c9090e6f1f","slug":"a-tent-city-will-come-up-near-the-ganges-transforming-the-character-of-the-tigri-melaa-tent-city-will-come-up-near-the-ganges-transforming-the-character-of-the-tigri-mela-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-176241-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: गंगा के करीब बसेगा तंबुओं का शहर, बदलेगा तिगरी मेले का स्वरूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: गंगा के करीब बसेगा तंबुओं का शहर, बदलेगा तिगरी मेले का स्वरूप
विज्ञापन
अमरोहा। गंगा की धारा के रुख ने इस बार तिगरी गंगा मेले का स्वरूप बदलने का रास्ता खोल दिया है। गंगा के कटान से जमीन सुरक्षित रहने के कारण मेला तिगरी गांव के करीब बसाने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को तंबुओं के शहर से गंगा स्नान घाट तक पहुंचने के लिए ज्यादा दूर नहीं चलना पड़ेगा।
करीब दस साल पहले भी मेला इसी तरफ बसा था। इस बार लोक निर्माण विभाग ने मेले का नक्शा तैयार कर उसके आधार पर करीब एक हजार बीघा जमीन पर सेक्टर, सड़कें, सदर बाजार और वीआईपी मार्ग विकसित करने को नापजोख शुरू कर दी है। उधर, मेले में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रहेगी।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राकेश ने बताया कि गंगा मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा की धारा तिगरी से सटकर बह रही है। इस बार कटान नहीं होने से तिगरी की ओर जमीन उपलब्ध है। इसी का फायदा उठाकर मेला क्षेत्र का विस्तार इस दिशा में करने की तैयारी है। राजस्व विभाग के लेखपालों को जमीन चिह्नित कर उसे खाली कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए किसानों से फसल कटवाने की प्रक्रिया चल रही है। मेले में सड़क, सफाई, शौचालय और टेंट की व्यवस्था के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
15 नवंबर से पहुंचने लगेंगे श्रद्धालु, 24 को मुख्य स्नान
तिगरी गंगा मेला 15 से 25 नवंबर तक आयोजित होगा। कार्तिक पूर्णिमा पर 24 नवंबर को मुख्य स्नान होगा। इस दौरान करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह को मेलाधिकारी, जिला पंचायत के एएमए राकेश कुमार यादव को सहायक मेलाधिकारी और एसडीएम मंडी धनौरा को अपर मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
5000 से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मेले में पांच हजार से अधिक पुलिस और पीएसी जवान तैनात करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश के 15 जिलों से पुलिस बल मांगा गया है। सुरक्षा व्यवस्था में एएसपी और सीओ के अलावा करीब 70 इंस्पेक्टर, 200 पुरुष उपनिरीक्षक, 80 महिला उपनिरीक्षक, 1500 सिपाही और 500 महिला-पुरुष हेड कांस्टेबल तैनात किए जाने की योजना है। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल होगा। संवेदनशील स्थानों पर मचान बनाकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -
महिला स्नान घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी
मेले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग महिला पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। इन पर महिला दरोगा और पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। महिला स्नान घाटों पर महिला पुलिसकर्मी और पुरुष घाटों पर पुरुष पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालेंगे। घाटों पर बैरिकेडिंग, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, अग्निशमन, खोया-पाया केंद्र, सीसीटीवी कैमरे और संचार व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और मेले में भ्रमण के दौरान परेशानी न हो।
विज्ञापन
करीब दस साल पहले भी मेला इसी तरफ बसा था। इस बार लोक निर्माण विभाग ने मेले का नक्शा तैयार कर उसके आधार पर करीब एक हजार बीघा जमीन पर सेक्टर, सड़कें, सदर बाजार और वीआईपी मार्ग विकसित करने को नापजोख शुरू कर दी है। उधर, मेले में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रहेगी।
विज्ञापन
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राकेश ने बताया कि गंगा मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा की धारा तिगरी से सटकर बह रही है। इस बार कटान नहीं होने से तिगरी की ओर जमीन उपलब्ध है। इसी का फायदा उठाकर मेला क्षेत्र का विस्तार इस दिशा में करने की तैयारी है। राजस्व विभाग के लेखपालों को जमीन चिह्नित कर उसे खाली कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए किसानों से फसल कटवाने की प्रक्रिया चल रही है। मेले में सड़क, सफाई, शौचालय और टेंट की व्यवस्था के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।
विज्ञापन
15 नवंबर से पहुंचने लगेंगे श्रद्धालु, 24 को मुख्य स्नान
तिगरी गंगा मेला 15 से 25 नवंबर तक आयोजित होगा। कार्तिक पूर्णिमा पर 24 नवंबर को मुख्य स्नान होगा। इस दौरान करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह को मेलाधिकारी, जिला पंचायत के एएमए राकेश कुमार यादव को सहायक मेलाधिकारी और एसडीएम मंडी धनौरा को अपर मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
5000 से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मेले में पांच हजार से अधिक पुलिस और पीएसी जवान तैनात करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश के 15 जिलों से पुलिस बल मांगा गया है। सुरक्षा व्यवस्था में एएसपी और सीओ के अलावा करीब 70 इंस्पेक्टर, 200 पुरुष उपनिरीक्षक, 80 महिला उपनिरीक्षक, 1500 सिपाही और 500 महिला-पुरुष हेड कांस्टेबल तैनात किए जाने की योजना है। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल होगा। संवेदनशील स्थानों पर मचान बनाकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
महिला स्नान घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी
मेले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग महिला पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। इन पर महिला दरोगा और पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। महिला स्नान घाटों पर महिला पुलिसकर्मी और पुरुष घाटों पर पुरुष पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालेंगे। घाटों पर बैरिकेडिंग, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, अग्निशमन, खोया-पाया केंद्र, सीसीटीवी कैमरे और संचार व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और मेले में भ्रमण के दौरान परेशानी न हो।