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Amroha News: 37 साल से धनौरा के वकीलों की पक्के चेंबर की मांग अधूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:20 AM IST
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। हमेशा दूसरों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहने वाले अधिवक्ताओं की पक्के चेंबर की मांग अधूरी है। अधिवक्ता 37 साल से कड़ाके के ठंड, तपती धूप और बारिश में बिना शिकायत काम कर रहे हैं, जिससे काफी दिक्कत होती है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि पांच साल पहले भाजपा विधायक राजीव तरारा ने तहसील में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके लिए पक्के चैंबर बनाने के लिए धनराशि स्वीकृत कराने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक चेंबर नहीं बन पाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार को इस संबंध में गंभीरता से विचार करना चाहिए और तत्काल उनको पक्के चेंबर बनाकर देने चाहिए। तहसील में इस समय करीब 165 अधिवक्ता कार्यरत हैं। वर्तमान में तहसील में वकीलों की बढ़ती संख्या की वजह से स्थिति यहां तक पहुंच गई है। नए अधिवक्ताओं को अपने चेंबर शौचालय के पास बनाने पड़ रहे हैं।
सिंचाई विभाग की भूमि पर चल रही तहसील की स्थापना वर्ष 1989 में की गई थी। तहसील में अधिवक्ताओं के चेंबर पर बिजली की भी कोई सुविधा नहीं है। रोजाना सैंकड़ों लोग तहसील में अपने काम से आते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं।
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अधिवक्ताओं का कहना है कि पांच साल पहले भाजपा विधायक राजीव तरारा ने तहसील में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके लिए पक्के चैंबर बनाने के लिए धनराशि स्वीकृत कराने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक चेंबर नहीं बन पाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार को इस संबंध में गंभीरता से विचार करना चाहिए और तत्काल उनको पक्के चेंबर बनाकर देने चाहिए। तहसील में इस समय करीब 165 अधिवक्ता कार्यरत हैं। वर्तमान में तहसील में वकीलों की बढ़ती संख्या की वजह से स्थिति यहां तक पहुंच गई है। नए अधिवक्ताओं को अपने चेंबर शौचालय के पास बनाने पड़ रहे हैं।
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सिंचाई विभाग की भूमि पर चल रही तहसील की स्थापना वर्ष 1989 में की गई थी। तहसील में अधिवक्ताओं के चेंबर पर बिजली की भी कोई सुविधा नहीं है। रोजाना सैंकड़ों लोग तहसील में अपने काम से आते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं।
