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Amroha News: संगठनों ने शिक्षक विरोधी नीतियों के विरोध में खोला मोर्चा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:15 AM IST
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Organizations opened a front against anti-teacher policies
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अमरोहा। शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ टीईटी अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। आंदोलन की शुरुआत एक्स पर हैश टैग अभियान चलाकर हुई। जबकि सोमवार को बाजू पर काली पट्टी बांधकर स्कूलों में शिक्षण कार्य किया और उसके फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किए।
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सोमवार को प्रांतीय आह्वान पर टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, महिला शिक्षक संघ, एससी एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर 22 फरवरी को एक्स पर हैश टैग जस्टिस फॉर टीचर अभियान के माध्यम से दो से चार बजे तक विरोध जताया। 23 फरवरी को सभी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य को बल देते हुए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।
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26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौपेंगे। जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने शिक्षकों से एक जुट रहने की अपील की। जिला महामंत्री राजदीप सिंह व मुकेश चौधरी ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए संगठित रहने का आह्वान किया। इस दौरान सौरभ सक्सेना, नीतू सिंह, राजदीप, कमल शर्मा, अतुल, नीरज, रश्मि चौधरी, बेबी, गीता, ज्योति सिंह, उज्ज्वल वर्मा, कमल, अख्तर शामिल रहे।



बुरावली में भी काला फीता बांधकर किया कार्य
बुरावली। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। गंगेश्वरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पतेई खादर में समेत तमाम विद्यालयों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।

शिक्षकों का कहना है कि अधिनियम लागू होने से पूर्व जारी शासनादेशों में निर्धारित सेवा शर्तों के विपरीत टीईटी अनिवार्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षक नेता गौरव नागर ने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। शिक्षक संगठन ने शासन से मांग की है कि पूर्व में निर्धारित सेवा शर्तों का सम्मान करते हुए टीईटी अनिवार्यता संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। संवाद
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