फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Panchayat secretaries' accounts accessed via OTP; SIT scrutinizes records at DPRO and CMO offices.

Amroha News: ओटीपी से खुलीं पंचायत सचिवों की आईडी, एसआईटी ने डीपीआरओ और सीएमओ कार्यालय में खंगाले रिकॉर्ड

Thu, 29 Oct 2026 12:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 29 Oct 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
Panchayat secretaries' accounts accessed via OTP; SIT scrutinizes records at DPRO and CMO offices.
अमरोहा। जोया और मंडी धनौरा ब्लॉक के पांच ग्राम पंचायतों के सचिवों की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर 1820 जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि सचिवों की आईडी तक किसकी पहुंच थी और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किन लोगों ने भूमिका निभाई। अब तक ही जांच में सामने आया है कि आईडी खोलने के लिए पंचायत सचिवों के मोबाइल नंबर पर कई बार ओटीपी पहुंचे थे। टीम ने बुधवार को पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में रिकॉर्ड खंगालने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन




जोया ब्लॉक में तैनात पंचायत सचिव अमरजीत सिंह और मंडी धनौरा ब्लॉक क्षेत्र में तैनात सचिव राजीव कुमार की लॉगिन आईडी से ये प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। इनमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, असम और दिल्ली समेत 19 राज्यों के लोगों के प्रमाण पत्र बने थे। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग में खलबली मची हुई है। मामले में एक प्राथमिकी साइबर सेल और दूसरी डिडौली कोतवाली में दर्ज हुई है। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को टीम ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पहुंचकर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में सामने आया है कि सचिवों के मोबाइल नंबर पर लॉगिन के लिए कई बार ओटीपी भेजे गए थे। संबंधित ईमेल आईडी पर भी उन्हीं के मोबाइल नंबर दर्ज थी। ऐसे में टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ओटीपी किसने और किन परिस्थितियों में इस्तेमाल किए। इसके बाद टीम मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंची। यहां कंप्यूटर में उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की गई। प्रमाण पत्र जारी करने और आईडी खोलने-बंद करने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाया गया कि स्वास्थ्य विभाग में इस काम की जिम्मेदारी किन कर्मचारियों के पास थी। एसआईटी ने एक पंचायत सचिव और दूसरे सचिव के सहयोगी युवक से पूछताछ की है। अब सचिवों के साथ उनके सहयोग के लिए रखे गए युवकों से भी पूछताछ की जाएगी। एसपी लखन सिंह का कहना है कि जल्दी ही फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed