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Amroha News: युवा मतदाताओं की संख्या अधिक तय करेंगे जिले की राजनीति का रुख
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अमरोहा। आगामी विधानसभा चुनाव में जनपद की राजनीति का रुख तय करने में युवा मतदाता सबसे अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं। इस बार 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 18 से 19 और 40 से 100 साल तक के मतदाताओं से अधिक है, जो किसी भी प्रत्याशी की जीत-हार का फैसला करने में निर्णायक साबित होंगे। आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग में 2,92,273 मतदाता हैं, जबकि 30 से 39 वर्ष आयु वर्ग में 354049 मतदाता दर्ज किए गए हैं। यह दोनों वर्ग मिलकर 6,46,322 मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि युवा मतदाताओं का रुझान जिस ओर झुकेगा, वही प्रत्याशी जीत हासिल करेगा।
इसके मुकाबले अन्य आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 40 से 49 वर्ष आयु वर्ग में 2,30,277 मतदाता हैं, जबकि 50 से 59 वर्ष में 1,83,604 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं 60 से 69 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 1,07,674 है। इसके अलावा 70 से 79 वर्ष आयु वर्ग में 48,228 हैं। वहीं 80 से 89 वर्ष में 13,209 तथा 90 से 99 वर्ष आयु वर्ग में 2,361 मतदाता शामिल हैं। 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या भी 135 दर्ज की गई है, जो लोकतंत्र के प्रति बुजुर्गों की भागीदारी को दर्शाएगी। आंकड़ों से साफ है कि 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता अधिक जागरूक, शिक्षित और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। यह वर्ग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देता है। ऐसे में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का फोकस भी इस वर्ग को साधने पर केंद्रित हो गया है।
दूसरी ओर महिला और पुरुष मतदाताओं के आंकड़ों में भी इस बार बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में 1,32,781 की कमी आई है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या में 30, 426 की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस बार जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कुल 5,76,857 महिला मतदाता वोट डालेंगी। पिछले विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या 7,09,638 थी, जो इस बार घट गई है। वहीं पुरुष मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव में 6,40,796 थी जो इस बार बढ़कर 6,71,222 पहुंच गई है।
इस बदलाव के पीछे मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को प्रमुख कारण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि युवा मतदाताओं की अधिक संख्या चुनाव को दिलचस्प बना सकती है। यह वर्ग पारंपरिक वोटिंग पैटर्न से हटकर मुद्दों और उम्मीदवार की छवि के आधार पर मतदान करता है, जिससे चुनाव परिणामों में अप्रत्याशित बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
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इसके मुकाबले अन्य आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 40 से 49 वर्ष आयु वर्ग में 2,30,277 मतदाता हैं, जबकि 50 से 59 वर्ष में 1,83,604 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं 60 से 69 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 1,07,674 है। इसके अलावा 70 से 79 वर्ष आयु वर्ग में 48,228 हैं। वहीं 80 से 89 वर्ष में 13,209 तथा 90 से 99 वर्ष आयु वर्ग में 2,361 मतदाता शामिल हैं। 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या भी 135 दर्ज की गई है, जो लोकतंत्र के प्रति बुजुर्गों की भागीदारी को दर्शाएगी। आंकड़ों से साफ है कि 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता अधिक जागरूक, शिक्षित और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। यह वर्ग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देता है। ऐसे में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का फोकस भी इस वर्ग को साधने पर केंद्रित हो गया है।
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दूसरी ओर महिला और पुरुष मतदाताओं के आंकड़ों में भी इस बार बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में 1,32,781 की कमी आई है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या में 30, 426 की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस बार जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कुल 5,76,857 महिला मतदाता वोट डालेंगी। पिछले विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या 7,09,638 थी, जो इस बार घट गई है। वहीं पुरुष मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव में 6,40,796 थी जो इस बार बढ़कर 6,71,222 पहुंच गई है।
इस बदलाव के पीछे मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को प्रमुख कारण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि युवा मतदाताओं की अधिक संख्या चुनाव को दिलचस्प बना सकती है। यह वर्ग पारंपरिक वोटिंग पैटर्न से हटकर मुद्दों और उम्मीदवार की छवि के आधार पर मतदान करता है, जिससे चुनाव परिणामों में अप्रत्याशित बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।