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Amroha News: शहर में शामिल हुए बीते तीन साल...फिर भी गांव बदहाल
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अमरोहा। नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद शहर का हिस्सा बने गांवों को शहरी सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन तीन साल बाद भी अधिकांश गांवों की तस्वीर नहीं बदली है। सड़कें टूटी हैं, नालियां चोक हैं और कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। पथ प्रकाश की व्यवस्था भी बदहाल है। कई वार्डों में खंभों से लाइटें गायब हैं। पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछने के बावजूद कुछ स्थानों पर आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद उन्हें गांव के बजाय शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। नियमित सफाई न होने से नालियों में गंदगी जमा है। वर्ष 2023 में नगर पालिका चुनाव से पहले आसपास की ग्राम पंचायतों के 45 गांवों को पालिका सीमा में शामिल किया गया था। इसके बाद इन गांवों को अलग-अलग वार्डों में शामिल कर शहरी क्षेत्र का हिस्सा बना दिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब सड़क, नाली, पेयजल और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन, अभी तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पालिका स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती।
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सिरसागढ़ में अंधेरा, पाइपलाइन में पानी का इंतजार
नगर पालिका में शामिल सिरसागढ़ में रात होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक खंभों पर लगी लाइटें खराब हैं या गायब हैं। विकास कुमार ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन उसमें अभी जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। पंडकी में जलभराव से परेशानी पंडकी में टूटी सड़कों और जल निकासी की खराब व्यवस्था से लोग परेशान हैं। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाता है। नालियां गंदगी से अटी होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। प्रकाश सिंह, महेंद्र सिंह और हरदयाल ने बताया कि खराब लाइटें पालिका कर्मचारी काफी समय पहले खोलकर ले गए थे, लेकिन उन्हें दोबारा नहीं लगाया गया।
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अली मोहम्मदपुर में सफाई व्यवस्था पर सवाल
अली मोहम्मदपुर में नियमित सफाई नहीं होने से नालियां गंदगी से भरी हैं। हसीन अहमद, गुले हसन, दिलशाद और शानू का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़कें भी खराब हैं और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दाऊद सराय और मसूदपुर नवादा में जर्जर सड़कें, कीचड़ से ग्रामीण परेशान
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी दाऊद सराय और मसूदपुर नवादा गांव विकास कार्यों की बाट जोह रहे हैं। दाऊद सराय की मुख्य सड़क समेत कई अन्य सड़कें वर्षों से जर्जर हैं। मसूदपुर नवादा में सड़कों पर कीचड़ फैला होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कीचड़ में फिसलकर लोग चोटिल हो रहे हैं। सड़क निर्माण की मांग सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में तीन वर्षों से पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसके कारण पालिका की जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। सरकारी हैंडपंप भी कई माह से खराब है।
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वार्ड तो बने, सुविधाएं नहीं मिलीं
नगर पालिका में शामिल गांवों को वार्ड में तब्दील किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र के मुताबिक विकास होगा। लेकिन कई नए वार्डों में सड़क, नाला और पथ प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं ही पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। ग्रामीणों का कहना है कि पालिका सीमा में शामिल होने के बाद अपेक्षाएं बढ़ीं, लेकिन विकास की गति नहीं बढ़ी। सबसे अधिक परेशानी बारिश के दौरान होती है, जब जल निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
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शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
नए वार्डों के लोगों का कहना है कि खराब स्ट्रीट लाइट, टूटी सड़क, बंद नाली और सफाई जैसी समस्याओं को लेकर पालिका कर्मचारियों व अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। कुछ स्थानों पर लाइटें उतारकर मरम्मत के लिए ले जाई गईं, लेकिन लंबे समय तक वापस नहीं लगाई गईं। ग्रामीणों का कहना है कि शहरी क्षेत्र का हिस्सा बनने के बावजूद उन्हें अभी भी गांव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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इन गांवों को नगर पालिका में किया गया था शामिल
नगर पालिका सीमा विस्तार के दौरान खालकपुर खुर्द, कलाली, दुर्गपुर, मिलक मोहम्मदी, मोहनपुर नाजिब जनूब, अमरोहा देहात, गुलड़िया, अलहेदादपुर खुर्द, मीरा सराय, सलेमपुर हेमनगर, हुसैनपुर निकट मालीखेड़ा, अली मोहम्मदपुर, मकसूदपुर, पंडकी, रायपुर खुर्द, रामपुर घना, दासीपुर, पचोकरा मेहरबान अली, उमरपुर, केशोपुर, एवजाबाद, पिलक सराय, नाजरपुर खुर्द, रायपुर कला, उकसी, अहरोई, मिलक बिकनी, हाशमपुर, महुवा, दूल्हापुर, दाऊद सराय, पंजू सराय, जलालपुर नरायन, फाजलपुर, रजाकपुर, मोहम्मदपुर भूड़ा, अकबरपुर पट्टी, महमूदपुर जत्ती, फरीदपुर घोसी, मकनपुर कस्बा सईद और चकगढ़मल समेत कई गांवों को नगर पालिका सीमा में शामिल किया गया था। इनमें रहने वाले लोगों को आज भी शहरी सुविधाओं का इंतजार है।
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नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी दाऊद सराय गांव विकास से अछूता है। गांव की मुख्य सड़क समेत कई अन्य सड़कें वर्षों से जर्जर हैं। सड़क निर्माण के लिए पालिका में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है।
-नासिर अली, ग्रामीण
सड़कों पर कीचड़ फैला होने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण की मांग सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तीन साल से पानी की टंकी का काम अधूरा पड़ा है। पालिका की जलापूर्ति नहीं मिल रही और सरकारी हैंडपंप भी कई माह से खराब है।
-मोहम्मद आसिम, मसूदपुर नवादा
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नगर पालिका से जुड़े गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। करीब 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद गांवों में सड़क और नालियों की मरम्मत व निर्माण कराया जाएगा। वहीं, खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त कराने का काम कराया जा रहा है।
-दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका अमरोहा
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ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद उन्हें गांव के बजाय शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। नियमित सफाई न होने से नालियों में गंदगी जमा है। वर्ष 2023 में नगर पालिका चुनाव से पहले आसपास की ग्राम पंचायतों के 45 गांवों को पालिका सीमा में शामिल किया गया था। इसके बाद इन गांवों को अलग-अलग वार्डों में शामिल कर शहरी क्षेत्र का हिस्सा बना दिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब सड़क, नाली, पेयजल और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन, अभी तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पालिका स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती।
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सिरसागढ़ में अंधेरा, पाइपलाइन में पानी का इंतजार
नगर पालिका में शामिल सिरसागढ़ में रात होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक खंभों पर लगी लाइटें खराब हैं या गायब हैं। विकास कुमार ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन उसमें अभी जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। पंडकी में जलभराव से परेशानी पंडकी में टूटी सड़कों और जल निकासी की खराब व्यवस्था से लोग परेशान हैं। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाता है। नालियां गंदगी से अटी होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। प्रकाश सिंह, महेंद्र सिंह और हरदयाल ने बताया कि खराब लाइटें पालिका कर्मचारी काफी समय पहले खोलकर ले गए थे, लेकिन उन्हें दोबारा नहीं लगाया गया।
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अली मोहम्मदपुर में सफाई व्यवस्था पर सवाल
अली मोहम्मदपुर में नियमित सफाई नहीं होने से नालियां गंदगी से भरी हैं। हसीन अहमद, गुले हसन, दिलशाद और शानू का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़कें भी खराब हैं और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दाऊद सराय और मसूदपुर नवादा में जर्जर सड़कें, कीचड़ से ग्रामीण परेशान
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी दाऊद सराय और मसूदपुर नवादा गांव विकास कार्यों की बाट जोह रहे हैं। दाऊद सराय की मुख्य सड़क समेत कई अन्य सड़कें वर्षों से जर्जर हैं। मसूदपुर नवादा में सड़कों पर कीचड़ फैला होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कीचड़ में फिसलकर लोग चोटिल हो रहे हैं। सड़क निर्माण की मांग सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में तीन वर्षों से पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसके कारण पालिका की जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। सरकारी हैंडपंप भी कई माह से खराब है।
वार्ड तो बने, सुविधाएं नहीं मिलीं
नगर पालिका में शामिल गांवों को वार्ड में तब्दील किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र के मुताबिक विकास होगा। लेकिन कई नए वार्डों में सड़क, नाला और पथ प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं ही पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। ग्रामीणों का कहना है कि पालिका सीमा में शामिल होने के बाद अपेक्षाएं बढ़ीं, लेकिन विकास की गति नहीं बढ़ी। सबसे अधिक परेशानी बारिश के दौरान होती है, जब जल निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
नए वार्डों के लोगों का कहना है कि खराब स्ट्रीट लाइट, टूटी सड़क, बंद नाली और सफाई जैसी समस्याओं को लेकर पालिका कर्मचारियों व अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। कुछ स्थानों पर लाइटें उतारकर मरम्मत के लिए ले जाई गईं, लेकिन लंबे समय तक वापस नहीं लगाई गईं। ग्रामीणों का कहना है कि शहरी क्षेत्र का हिस्सा बनने के बावजूद उन्हें अभी भी गांव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
इन गांवों को नगर पालिका में किया गया था शामिल
नगर पालिका सीमा विस्तार के दौरान खालकपुर खुर्द, कलाली, दुर्गपुर, मिलक मोहम्मदी, मोहनपुर नाजिब जनूब, अमरोहा देहात, गुलड़िया, अलहेदादपुर खुर्द, मीरा सराय, सलेमपुर हेमनगर, हुसैनपुर निकट मालीखेड़ा, अली मोहम्मदपुर, मकसूदपुर, पंडकी, रायपुर खुर्द, रामपुर घना, दासीपुर, पचोकरा मेहरबान अली, उमरपुर, केशोपुर, एवजाबाद, पिलक सराय, नाजरपुर खुर्द, रायपुर कला, उकसी, अहरोई, मिलक बिकनी, हाशमपुर, महुवा, दूल्हापुर, दाऊद सराय, पंजू सराय, जलालपुर नरायन, फाजलपुर, रजाकपुर, मोहम्मदपुर भूड़ा, अकबरपुर पट्टी, महमूदपुर जत्ती, फरीदपुर घोसी, मकनपुर कस्बा सईद और चकगढ़मल समेत कई गांवों को नगर पालिका सीमा में शामिल किया गया था। इनमें रहने वाले लोगों को आज भी शहरी सुविधाओं का इंतजार है।
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी दाऊद सराय गांव विकास से अछूता है। गांव की मुख्य सड़क समेत कई अन्य सड़कें वर्षों से जर्जर हैं। सड़क निर्माण के लिए पालिका में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है।
-नासिर अली, ग्रामीण
सड़कों पर कीचड़ फैला होने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण की मांग सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तीन साल से पानी की टंकी का काम अधूरा पड़ा है। पालिका की जलापूर्ति नहीं मिल रही और सरकारी हैंडपंप भी कई माह से खराब है।
-मोहम्मद आसिम, मसूदपुर नवादा
नगर पालिका से जुड़े गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। करीब 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद गांवों में सड़क और नालियों की मरम्मत व निर्माण कराया जाएगा। वहीं, खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त कराने का काम कराया जा रहा है।
-दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका अमरोहा